ईरान ने खाड़ी देशों को दी चेतावनी, अमेरिकी सेना को निकालो वरना मिसाइल गिरेगी
ईरान ने खाड़ी देशों और तुर्की के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। तेहरान की तरफ से साफ कहा गया है कि अगर सऊदी अरब, यूएई, कतर और कुवैत जैसे देश अपने यहां से अमेरिकी सैनिकों को नहीं हटाते हैं, तो उन पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहेंगे। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और पिछले कुछ दिनों में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस धमकी के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
किन देशों को मिली धमकी और क्या है मांग?
ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, कुवैत, ओमान, कतर, बहरीन और तुर्की को स्पष्ट संदेश दिया है। ईरान का कहना है कि अगर ये देश अपनी सुरक्षा चाहते हैं और ईरानी मिसाइलों से बचना चाहते हैं, तो उन्हें फौरन अपने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करना होगा। एक ईरानी सांसद ने ‘तेहरान टाइम्स’ के जरिए कहा कि अमेरिकी सुविधाओं को हटाना ही सुरक्षा का एकमात्र रास्ता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अपनी चेतावनी को सही साबित करने के लिए कुछ जगहों पर हमले भी किए हैं:
- कतर: अल-उदेद (Al-Udeid) एयर बेस पर मिसाइलें दागी गईं।
- कुवैत: अली अल-सलेम (Ali Al Salem) बेस को निशाना बनाया गया।
- यूएई: अल-धफरा (Al Dhafra) बेस पर हमले की कोशिश हुई।
- बहरीन: अमेरिकी पांचवें बेड़े (5th Fleet) के मुख्यालय पर ड्रोन भेजे गए।
अब तक कितना हुआ नुकसान और अमेरिका का जवाब
युद्ध की स्थिति बनने के बाद से ईरान ने खाड़ी देशों की तरफ लगभग 380 मिसाइलें और 1,480 से ज्यादा ड्रोन दागे हैं। कुवैत में हुए एक ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की खबर है, जबकि अलग-अलग हमलों में खाड़ी देशों के भीतर कम से कम 13 आम नागरिकों की जान गई है। इसके जवाब में अमेरिका ने अपने कुछ दूतावासों को बंद कर दिया है और सऊदी अरब, ओमान और कुवैत से अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुलाने का आदेश दिया है।
आम लोगों और हवाई सफर पर इसका असर
इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। दुबई और अबू धाबी में लोगों के मोबाइल पर सुरक्षा अलर्ट भेजे गए हैं, जिसमें मिसाइल खतरे के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहने को कहा गया है। कतर और कुछ अन्य देशों ने अपने Airspace को आंशिक रूप से बंद या सीमित कर दिया है, जिससे उड़ानों पर असर पड़ सकता है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और हवाई सफर से पहले फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें।





