ईरान सेना का बड़ा ऐलान, खाड़ी में घुसने वाले जहाजों को डुबोने की दी धमकी, 200 से ज्यादा जहाज फंसे
ईरान की सेना ने 7 मार्च 2026 को एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। सेना ने साफ शब्दों में कहा है कि खाड़ी (Gulf) के पानी में जो भी जहाज प्रवेश करेगा, उसे डुबो दिया जाएगा। यह धमकी सऊदी अरब की मीडिया द्वारा भी रिपोर्ट की गई है और इसके बाद से समुद्री रास्ते पर सन्नाटा पसर गया है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है।
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ईरान ने किन जहाजों को निशाना बनाने की बात कही है?
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वे विशेष रूप से अमेरिका (US) और ब्रिटेन (UK) के जहाजों को टारगेट करेंगे। इसके साथ ही, अगर कोई जहाज इजरायल के लिए सामान ले जा रहा है, तो उसे भी नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे उस पर किसी भी देश का झंडा क्यों न लगा हो। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले 24 घंटों में होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से केवल दो मालवाहक जहाज ही सुरक्षित निकल पाए हैं। इसका मतलब है कि यह महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता अब लगभग पूरी तरह से बंद हो चुका है और खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
तेल की कीमतों और आम आदमी पर क्या होगा असर?
इस धमकी और तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम तेजी से भाग रहे हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 87.21 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। हालात ये हैं कि लगभग 200 तेल टैंकर (Tankers) खाड़ी के बाहर खुले समुद्र में लंगर डालकर खड़े हैं क्योंकि वे अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। बड़ी शिपिंग कंपनियों जैसे Maersk ने अपने जहाजों को इस रास्ते से भेजने पर रोक लगा दी है। अगर यह रास्ता ज्यादा दिन बंद रहा, तो भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल महंगा हो सकता है।
अमेरिका और सऊदी अरब ने क्या कदम उठाए हैं?
इस बीच सऊदी अरब के शायबा (Shaybah) तेल क्षेत्र पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की खबर है। अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कहा है कि उसने ईरान के कई जहाजों को निशाना बनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भरोसा दिलाया है कि वे जहाजों को सुरक्षा देने के लिए नेवी (Navy) की मदद लेंगे। अमेरिका ने नुकसान की भरपाई के लिए बीमा योजना का भी ऐलान किया है, लेकिन जहाज मालिक अभी भी बिना सुरक्षा के आगे बढ़ने से डर रहे हैं।



