Kuwait ने घटाया तेल उत्पादन, Strait of Hormuz बंद होने से स्टोरेज हुआ फुल
कुवैत ने तेल उत्पादन में कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम 7 मार्च 2026 को उठाया गया है। कुवैत की नेशनल ऑयल कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि यह कटौती एहतियात के तौर पर की जा रही है। इसका मुख्य कारण क्षेत्रीय तनाव और लॉजिस्टिक समस्याएं बताई गई हैं।
तेल उत्पादन क्यों रोका गया?
कुवैत में कच्चे तेल को जमा करने की क्षमता यानी स्टोरेज अब पूरी तरह भर चुकी है। Strait of Hormuz ब्लॉक होने के कारण तेल के जहाज बाहर नहीं जा पा रहे हैं, जिससे तेल निकालने के बाद उसे रखने की जगह नहीं बची है। इस वजह से मजबूरी में कुवैत ने कुछ तेल क्षेत्रों में काम धीमा कर दिया है। अब कुवैत उतना ही तेल निकालने पर विचार कर रहा है जितनी घरेलू रिफाइनरी और खपत के लिए जरूरत है। अधिकारियों ने साफ किया कि यह फैसला स्टोरेज की कमी के कारण लिया गया है।
क्या इसका असर तेल की कीमतों पर पड़ेगा?
क्षेत्रीय तनाव के बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि हालात गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर Strait of Hormuz ऐसे ही बंद रहा, तो आने वाले 2 से 3 हफ्तों में तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। मार्च 2026 के लिए कुवैत का उत्पादन लक्ष्य 2.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन (mb/d) तय किया गया था, लेकिन अब हालात बदलने के कारण इसे मेंटेन करना मुश्किल हो रहा है।
क्या यह ओपेक प्लस का फैसला है?
यह कुवैत का अपना तकनीकी फैसला है, न कि ओपेक प्लस का कोई सामूहिक निर्णय। कुवैत ओपेक प्लस (OPEC+) के आठ देशों वाले समूह का सदस्य है। इस समूह ने पहले मार्च 2026 तक उत्पादन को एक स्तर पर स्थिर रखने की बात कही थी। 1 मार्च को हुई बैठक में अप्रैल 2026 से उत्पादन में थोड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी मिली थी, जिसमें कुवैत का हिस्सा भी शामिल था। लेकिन मौजूदा समय में स्टोरेज न होने के कारण कुवैत को यह कदम उठाना पड़ा है।





