अमेरिका का दावा: रूस की मदद से ईरान कर रहा हमले, दुबई एयरपोर्ट पर गिरा ड्रोन
पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब आठवें दिन में प्रवेश कर गया है और तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि रूस इस लड़ाई में परोक्ष रूप से शामिल है। आरोप है कि रूस, ईरान को अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों की सैटेलाइट तस्वीरें और खुफिया जानकारी दे रहा है। इस बीच दुबई में भी हमले की खबर आई है जिससे वहां रहने वाले लोगों में डर का माहौल है।
📰: Dubai Marina की ऊंची इमारत में हादसा, सरकार ने बताई सच्चाई, वीडियो बनाने पर दी सख्त चेतावनी।
दुबई और कुवैत पर क्या असर पड़ा?
इस युद्ध का असर अब खाड़ी देशों के आम जीवन पर भी दिखने लगा है। एक ड्रोन हमले के कारण दुबई एयरपोर्ट के रनवे को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले के मलबे की वजह से वहां के मरीना टावर नामक रिहायशी इमारत में आग लग गई। इसके अलावा कुवैत ने उत्पादन में कटौती के बाद तेल का निर्यात रोक दिया है, जो दुनिया भर के लिए चिंता की बात है।
सैन्य कार्रवाई में अब तक क्या-क्या हुआ?
दोनों पक्षों की ओर से भारी नुकसान के दावे किए जा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना ने अब तक ईरान के 42 जहाजों को डुबो दिया है। इजरायल ने भी दावा किया है कि उसने ईरान के 16 लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया है और बंदर अब्बास नेवल बेस पर भारी हमला किया है। दूसरी ओर, ईरान ने जॉर्डन में तैनात अमेरिका के 300 मिलियन डॉलर की कीमत वाले THAAD सिस्टम को नष्ट कर दिया है।
भारतीयों की सुरक्षा को लेकर क्या है खबर?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस संकट के बीच एक राहत भरी खबर दी है। मंत्रालय के अनुसार संघर्ष वाले इलाकों से अब तक 52,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर वतन वापस लाया गया है। सरकार लगातार वहां के हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि खाड़ी देशों में रहने वाले अन्य भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अमेरिका ने इजरायल के लिए 150 मिलियन डॉलर के नए हथियार पैकेज को भी मंजूरी दी है।





