Donald Trump का बड़ा बयान, ईरान का खतरा खत्म करने के लिए Oil की बढ़ती कीमत चुकाना मंजूर
US President Donald Trump ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। रविवार को Truth Social पर एक पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के खतरे को मिटाने के लिए अगर कुछ समय के लिए तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो यह दुनिया की शांति के लिए बहुत छोटी कीमत है। हाल ही में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए साझा हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है।
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Oil Prices पर क्या पड़ा असर?
खाड़ी देशों में चल रहे इस तनाव का सीधा असर पूरी दुनिया के तेल बाजार पर देखा जा रहा है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन हमलों के बाद से तेल की कीमतों में करीब 50% का उछाल आ चुका है। मार्केट में आए इस बदलाव के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:
- Brent Crude: इसकी कीमत 16% से 20% बढ़कर लगभग 108 से 111 डॉलर प्रति बैरल के बीच हो गई है।
- WTI Futures: अमेरिकी तेल वायदा की कीमत 18% से 22% बढ़कर 103.85 से 108 डॉलर के करीब पहुँच गई है।
- सप्लाई संकट: Strait of Hormuz बंद होने के कारण रोज लगभग 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई रुक गई है।
- OPEC का कदम: कुवैत, इराक और UAE जैसे प्रमुख देशों ने स्टोरेज की कमी और समुद्री मार्ग बंद होने के कारण अपना प्रोडक्शन घटा दिया है।
Trump प्रशासन के नए फैसले क्या हैं?
ट्रंप का मानना है कि ईरान का परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म होने के बाद तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी। इस दौरान खाड़ी क्षेत्र में व्यापार और तेल की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी सरकार ने कुछ अहम कदम उठाए हैं। US Treasury Secretary Scott Bessent ने तेल और LNG जहाजों की सप्लाई को स्थिर करने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने की बात कही है।
खाड़ी देशों में काम करने वाली कंपनियों और जहाजों की सुरक्षा के लिए पेंटागन अब नेवल एस्कॉर्ट मुहैया करा सकता है। इसके साथ ही, DFC के CEO Ben Black ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापार जारी रखने के लिए अमेरिकी सरकार जहाजों को पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस भी देगी। इन कदमों से गल्फ में काम करने वाले और एनर्जी सेक्टर से जुड़े लोगों को नुकसान से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।





