Iran US Israel War Update: ईरान के विदेश मंत्री की चेतावनी, कहा चुप रहना खतरनाक होगा, तेल की कीमतें हुई दोगुनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने कहा है कि ईरान पर हो रहे अमेरिकी और इजरायली हमलों पर दुनिया की चुप्पी एक खतरनाक शुरुआत है। उन्होंने साफ़ किया कि जब तक हमले जारी रहेंगे तब तक युद्धविराम पर कोई बात नहीं होगी। यह तनाव अब 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसका सीधा असर तेल की कीमतों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। ईरान का कहना है कि वह अपनी रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाब दे रहा है।
ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले और तेल की बढ़ती कीमतें
अब्बास अराघची के अनुसार इन हमलों में ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। तेहरान और अलबोर्ज (Alborz) में ईंधन के टैंकों पर हमला हुआ है और क्युशम (Qeshm) आइलैंड पर पानी साफ़ करने वाले प्लांट को भी नुकसान पहुँचाया गया है। इस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी हो गई हैं। ईरान का कहना है कि पानी और बिजली जैसी ज़रूरी सुविधाओं को निशाना बनाना एक गलत परंपरा है जिसकी शुरुआत अमेरिका ने की है।
खाड़ी देशों में सैन्य कार्रवाई और प्रवासियों पर असर
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सैन्य गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। ईरान की सेना ने कुवैत में स्थित अमेरिकी बेस अल-उदैरी (Camp Buehring) पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले का दावा किया है। इसके साथ ही इजरायल ने ईरान के छह सैन्य हवाई अड्डों पर हमला करने की बात कही है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि युद्ध का असर उड़ानों और सुरक्षा पर पड़ सकता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसने तुर्की या अज़रबैजान की तरफ कोई मिसाइल नहीं दागी है।
| क्षेत्र | मुख्य घटना |
|---|---|
| ईरान | ईंधन टैंक और पानी के प्लांट पर हमला |
| कुवैत | अमेरिकी बेस अल-उदैरी पर ड्रोन हमला |
| इजरायल | ईरान के 6 मिलिट्री एयरफील्ड पर स्ट्राइक |
| अर्थव्यवस्था | कच्चे तेल की कीमतें 10 दिन में दोगुनी हुई |




