Iran में नए गाइड के आने के बाद भी हमले जारी, British Minister ने दी चेतावनी, खाड़ी देशों में अलर्ट
British Minister for Middle East Affairs Hamish Falconer ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि Iran में नए गाइड Mojtaba Khamenei के चयन के बाद भी उनके सहयोगियों पर हमले कम नहीं हुए हैं। 9 मार्च 2026 को जारी इस बयान में बताया गया कि क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और मिसाइल हमले जारी हैं। UK सरकार ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना अभी केवल बचाव की मुद्रा में है और उनके RAF जेट लगातार ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही रोक रहे हैं।
किन देशों और इलाकों को बनाया गया है निशाना?
पिछले कुछ दिनों में खाड़ी देशों के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले दर्ज किए गए हैं। इन हमलों का असर उन इलाकों पर पड़ा है जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी काम करते हैं।
- Bahrain: Al-Muharraq सुविधा केंद्र के पास हमले की खबर मिली है।
- Qatar: यहाँ नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया है जिसे कतर के प्रधानमंत्री ने गंभीर गलती बताया है।
- Kuwait और UAE: इन क्षेत्रों में भी ड्रोन गतिविधियों के कारण सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- Cyprus: यहाँ भी मिसाइल खतरों को देखते हुए निगरानी सख्त की गई है।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि सुरक्षा कारणों से फ्लाइट्स और वर्क साइट्स पर नए नियम लागू हो सकते हैं।
UK और US का इस स्थिति पर क्या कहना है?
ब्रिटेन के रक्षा सचिव John Healey ने चेतावनी दी है कि ईरान के ये हमले अब किसी विशेष लक्ष्य तक सीमित नहीं हैं बल्कि ये काफी अनियंत्रित हो गए हैं जिससे आम लोगों की जान को खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आर्थिक प्रतिबंधों की तैयारी कर ली है।
| संस्था/देश | ताज़ा अपडेट और कदम |
|---|---|
| United Kingdom | RAF विमानों द्वारा ड्रोन इंटरसेप्ट किए जा रहे हैं और सुरक्षा बढ़ाई गई है। |
| USA | Iran के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा। |
| Iran | Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर (गाइड) नियुक्त किया गया। |
| GCC Allies | सऊदी अरब, कतर और बहरीन में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। |
फिलहाल ब्रिटेन ने कहा है कि वह किसी भी हमले की शुरुआत नहीं करेगा लेकिन अपने हितों और सहयोगियों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर कार्रवाई करता रहेगा। खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले या वहां रह रहे प्रवासियों को स्थानीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।




