ईरान के हमलों के बीच कुवैत के समर्थन में उतरा मलेशिया, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने फोन कर की कड़ी निंदा
कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच 9 मार्च 2026 को फोन पर अहम बातचीत हुई है. इस दौरान मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कुवैत और उसके नागरिक ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की. कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) की रिपोर्ट के मुताबिक, मलेशिया ने कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है. खाड़ी देशों में मौजूदा हालात के बीच यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है.
मलेशिया के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों को पूरी तरह से गलत बताया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाल करने और बातचीत के जरिए इस तनाव को खत्म करने की अपील की है. मलेशिया ने साफ किया है कि मुश्किल की इस घड़ी में वह कुवैत के साथ खड़ा है.
कुवैत के मौजूदा हालात और सुरक्षा के उपाय
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि उनकी सेना आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार है और लगातार काम कर रही है.
- 9 मार्च को कुवैत नेशनल गार्ड ने एक ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया.
- एक इलेक्ट्रिक प्लांट में आग लगने की खबर सामने आई थी, लेकिन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इसमें किसी भी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचा है.
- कुवैत ने जॉर्डन के प्रधानमंत्री के साथ भी हालात को काबू में करने के लिए कूटनीतिक चर्चा की है.
फ्लाइट्स और आम लोगों पर असर
मौजूदा सुरक्षा कारणों की वजह से कुवैत के एयरस्पेस में कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं और कई उड़ानों के रूट में बदलाव किए गए हैं. जजीरा एयरवेज जैसी एयरलाइंस की कुछ फ्लाइट्स को सऊदी अरब की तरफ डायवर्ट किया गया है. कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई यात्रा से पहले अपनी एयरलाइंस से नया अपडेट जरूर लें. कुवैत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत अपनी आत्मरक्षा का अधिकार दोहराया है और सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है.





