Saudi Arabia पर हमले के बाद GCC का कड़ा रुख, ईरान को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की मांग
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान के हमलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। 9 मार्च 2026 को सऊदी अरब के रिहायशी इलाके पर हुए एक बड़े हमले के बाद यह बयान सामने आया है। इस हमले से पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर खतरा पैदा हो गया है। GCC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मामले में तुरंत दखल देने को कहा है।
सऊदी अरब के Al-Kharj में हुआ हमला
सऊदी अरब के Al-Kharj इलाके में 9 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमला किया गया। यह एक रिहायशी इलाका है जहां आम लोग रहते हैं। इस घटना में 2 लोगों की जान चली गई और 12 लोग घायल हो गए। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी निंदा की है। सऊदी सरकार का कहना है कि वे अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार रखते हैं। संयुक्त राष्ट्र के नियमों के तहत वे अपनी रक्षा के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।
GCC और अंतरराष्ट्रीय नियम क्या कहते हैं
GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने इस हमले को एक आपराधिक कृत्य बताया है। उनके अनुसार ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के इरादे से किए जा रहे हैं। खाड़ी देशों का मानना है कि ऐसे हमले सीधा अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं।
- Joint Defense Agreement: खाड़ी देशों के बीच एक समझौता है कि किसी एक देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।
- अंतरराष्ट्रीय कानून: आम नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना नियमों के खिलाफ है।
- UN Charter 51: यह नियम देशों को अपनी रक्षा खुद करने का कानूनी अधिकार देता है।
प्रवासियों और आम लोगों पर इसका असर
इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ रहा है। लगातार हो रहे हमलों के कारण कई एयरपोर्ट्स ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जो लोग फ्लाइट से सफर करने वाले हैं, उन्हें अपनी उड़ान की स्थिति चेक करते रहने की सलाह दी गई है। Shaybah और Ras Tanura जैसी बड़ी तेल रिफाइनरियों के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यूएई, बहरीन, कुवैत और कतर जैसे पड़ोसी देशों में भी इस घटना के बाद पूरी तरह से अलर्ट है।





