UAE में मनाया गया ‘Zayed Humanitarian Day’, रमज़ान में गरीबों के लिए करोड़ों के दान का ऐलान
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 9 मार्च 2026 को ‘Zayed Humanitarian Day’ मनाया गया। यह दिन हर साल रमज़ान के 19वें दिन मनाया जाता है। इस बार कार्यक्रम में सहिष्णुता और सह-अस्तित्व मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान शामिल हुए। यह खास दिन UAE के संस्थापक स्वर्गीय शेख ज़ायेद बिन सुल्तान अल नाहयान की याद में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में दान और इंसानियत की भावना को आगे बढ़ाना है।
इस दिन का क्या महत्व है और कौन करता है आयोजन?
यह दिन पूरी तरह से चैरिटी और वॉलंटियर काम पर केंद्रित होता है। इसमें शामिल होने के लिए आम पब्लिक से कोई एंट्री फीस नहीं ली जाती है। राष्ट्रपति अदालत की देखरेख में इसे आयोजित किया जाता है। मुख्य रूप से ‘Awqaf’ (जनरल अथॉरिटी ऑफ इस्लामिक अफेयर्स) और शेख ज़ायेद ग्रैंड मस्जिद सेंटर मिलकर इस कार्यक्रम को होस्ट करते हैं। सरकार और कई कम्युनिटी संस्थाएं इस दिन नए चैरिटी प्रोजेक्ट शुरू करती हैं जिससे जरूरतमंदों की मदद हो सके।
गरीबों और जरूरतमंदों के लिए क्या बड़े ऐलान हुए?
इस मौके पर इंसानियत की भलाई के लिए कई बड़े कदम उठाए गए। UAE ने सूडान के राहत कार्य के लिए 500 मिलियन डॉलर और गाजा के लिए 1.2 बिलियन डॉलर की मदद देने की बात कही है। ‘11.5 कैंपेन’ के जरिए दुनियाभर के 50 लाख बच्चों को भुखमरी से बचाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘Our Fasting Guests’ प्रोजेक्ट के तहत शेख ज़ायेद ग्रैंड मस्जिद में 800 से ज्यादा वॉलंटियर्स ने लोगों को इफ्तार करवाया। इसके अलावा 7 से 9 मार्च तक ‘Step of Life’ मैराथन भी आयोजित हुआ, जिसमें लोगों के चलने के कदमों के हिसाब से दान का पैसा तय किया गया।
आम लोगों और प्रवासियों को इससे क्या फायदा मिलेगा?
एमिरेट्स रेड क्रिसेंट (ERC) के रमज़ान प्रोग्राम का फायदा UAE और 44 देशों के करीब 15 लाख लोगों तक पहुंचेगा। इसमें गल्फ में काम करने वाले कई भारतीय और अन्य प्रवासी भी शामिल हैं जिन्हें इफ्तार और अन्य जरूरी मदद मिलती है। सरकार आम नागरिकों और प्रवासियों को भी इस दिन बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करती है। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद ने भी अपने संदेश में कहा कि इंसानियत और एकजुटता हमेशा सबसे ऊपर रहेगी।





