ट्रंप का बड़ा बयान: ईरान के साथ युद्ध लगभग खत्म, तेल की कीमतों में भारी उछाल
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने CBS News को दिए एक इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब लगभग समाप्त हो गया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह संघर्ष अपने 10वें दिन में प्रवेश कर चुका है। ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी और इजराइली सेना के हमलों के बाद अब ईरान की नौसेना और वायु सेना के पास कुछ भी नहीं बचा है। इस युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों पर भी काफी असर पड़ा है।
📰: Donald Trump का बड़ा फैसला, तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अमेरिका उठाएगा कड़े कदम।
ईरान में अब तक क्या नुकसान हुआ है?
ट्रंप के अनुसार ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह से तोड़ दिया गया है। 10 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में ईरान के मिसाइल बनाने वाले ठिकानों और ड्रोन यूनिट्स को तबाह कर दिया गया है। युद्ध के पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब मोज्तबा खामेनेई को नया नेता चुना गया है। पेंटागन ने बताया कि इस युद्ध के दौरान सऊदी अरब में तैनात सातवें अमेरिकी सैनिक की भी जान चली गई है।
तेल की कीमतों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ेगा?
युद्ध की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यह 2022 के बाद पहली बार हुआ है जब तेल की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़त देखी गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां से आने-जाने वालों के लिए यह एक चिंता का विषय है क्योंकि इससे आने वाले दिनों में यात्रा और महंगाई बढ़ सकती है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| तेल की कीमतें | Brent Crude में 36% की बढ़त दर्ज की गई |
| अमेरिकी निकासी | 36,000 से ज्यादा नागरिक खाड़ी देशों से निकाले गए |
| ईरानी नुकसान | 42-43 जहाजों को नष्ट किया गया |
| सऊदी अरब | सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर अस्थायी असर पड़ा |
ट्रंप ने यह भी कहा है कि उनके पास घरेलू पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए एक विशेष योजना है। स्टेट डिपार्टमेंट ने पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र से बड़ी संख्या में प्रवासियों और नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए काम जारी है।




