UAE और यूरोपीय देशों की बड़ी बैठक, ईरान के बढ़ते खतरे पर हुई चर्चा और सुरक्षा पर बनी सहमति
9 मार्च 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक खास वर्चुअल मीटिंग में हिस्सा लिया। इसमें खाड़ी देशों (GCC) के साथ यूरोपीय संघ (EU) और तुर्की, मिस्र, इराक जैसे कई देशों के बड़े नेता शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य मकसद ईरान की ओर से खाड़ी और आसपास के इलाकों में बढ़ रही आक्रामकता पर चर्चा करना था। यूएई की ओर से डिप्टी पीएम और आंतरिक मंत्री शेख सैफ बिन जायद अल नाहयान ने इस बैठक में देश का पक्ष रखा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सराहना की।
बैठक में कौन-कौन से देश और नेता शामिल हुए?
इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में दुनिया के कई अहम देशों ने हिस्सा लिया और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात की। इसमें शामिल मुख्य नाम इस प्रकार हैं:
- UAE: उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख सैफ बिन जायद अल नाहयान।
- EU: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन।
- GCC: खाड़ी सहयोग परिषद के सभी सदस्य देश।
- अन्य क्षेत्रीय देश: तुर्की, मिस्र, इराक, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, आर्मेनिया और अजरबैजान।
क्षेत्रीय सुरक्षा और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
बैठक में ईरान के बढ़ते कदमों को लेकर चिंता जताई गई और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया। शेख सैफ ने संकट के समय एकजुटता दिखाने के लिए अंतरराष्ट्रीय नेताओं का शुक्रिया अदा किया। इस तरह की उच्च स्तरीय बैठकों का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और वहां के व्यापार पर पड़ता है। सुरक्षा मजबूत होने से क्षेत्र में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है, जो लाखों कामगारों और व्यापारियों के लिए बहुत जरूरी है।




