Saudi Arabia Drone Attack: सऊदी अरब के अल-खर्ज में दो ड्रोन मार गिराए, भारतीय प्रवासियों की बढ़ी चिंता
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार 9 मार्च 2026 को बड़ी सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी के मुताबिक, अल-खर्ज (Al-Kharj) गवर्नरेट के पूर्वी इलाके में दो ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई सऊदी एयर डिफेंस फोर्स द्वारा की गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में तनाव बना हुआ है और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने हमले को लेकर क्या जानकारी दी?
मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने आधिकारिक बयान में बताया कि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने अल-खर्ज की ओर आ रहे दो संदिग्ध ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हर आवश्यक कदम उठाना जारी रखेंगे। सऊदी कैबिनेट की बैठक में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी कहा है कि किंगडम के पास इन हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। यह हमला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण औद्योगिक और सैन्य क्षेत्र को निशाना बनाकर किया गया था।
सऊदी में रह रहे प्रवासियों पर क्या असर होगा?
सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीय और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए पिछले 24 घंटे काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं। 9 मार्च की घटना से पहले 8 मार्च को अल-खर्ज में एक सैन्य प्रोजेक्टाइल के कारण एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की जान चली गई थी। उस घटना में 12 अन्य लोग भी घायल हुए थे। ताजा ड्रोन हमलों के बाद सिविल डिफेंस ने लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: फिलहाल रिहायशी इलाकों में कोई नई पाबंदी नहीं लगाई गई है।
- भारतीय प्रवासियों पर असर: अल-खर्ज में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं, इसलिए वहां निगरानी बढ़ा दी गई है।
- जीसीसी का रुख: खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।
- अन्य हमले: रियाद के उत्तर में और खाली क्वार्टर के तेल क्षेत्रों के पास भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
अल-खर्ज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अल-खर्ज गवर्नरेट सऊदी अरब का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहाँ प्रिंस सुल्तान एयर बेस (Prince Sultan Air Base) स्थित है। पिछले कुछ दिनों में इस बेस और आसपास के इलाकों को निशाना बनाने की कोशिशें बढ़ी हैं। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि किसी भी नागरिक ढांचे या रिहायशी इलाके को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। सेना ने आधुनिक डिफेंस सिस्टम को तैनात कर दिया है ताकि किसी भी हवाई खतरे को तुरंत निष्क्रिय किया जा सके।





