लेबनान में इजरायली टैंक के हमले में कैथोलिक पादरी की मौत, घायलों की मदद करते समय गई जान
दक्षिण लेबनान के कलया (Qlayaa) गांव में एक इजरायली टैंक के हमले में लेबनानी मैरोनाइट कैथोलिक पादरी फादर पियरे अल-राही की मौत हो गई। यह घटना 9 मार्च 2026 को हुई जब वह एक हमले में घायल हुए लोगों की मदद कर रहे थे। कैथोलिक न्यूज़ सर्विस OSV News और अन्य आधिकारिक संस्थाओं ने इस खबर की पुष्टि की है।
घटना कैसे हुई और कौन-कौन घायल हुआ
इजरायली मर्कवा टैंक ने कलया गांव में एक घर पर दो बार गोलाबारी की। पहले हमले में घर के मालिक क्लोविस बुट्रोस और उनकी पत्नी घायल हो गए। इसके तुरंत बाद करीब 50 वर्षीय फादर अल-राही घायलों की मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचे।
जब वह पीड़ितों को बचाने की कोशिश कर रहे थे तभी टैंक ने दूसरी बार हमला कर दिया। इस दूसरे हमले में पादरी की जान चली गई। हमले में कुछ अन्य लोग भी चपेट में आए हैं।
- घायल लोग: एलियास बौलस, पॉल फारेस और लिलियन एल-सैयद सहित 3 से 5 अन्य लोग घायल हुए हैं।
- गांव की आबादी: कलया गांव में करीब 8,000 लोग रहते हैं और इस घटना के बाद वहां मातम है।
धार्मिक नेताओं ने जताया दुख
इस घटना के बाद कैथोलिक समुदाय और धार्मिक नेताओं ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। असेंबली ऑफ कैथोलिक पैट्रिआर्क के सचिव फादर जीन यूनुस ने पादरी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
एड टू द चर्च इन नीड आयरलैंड ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर इसे बहुत परेशान करने वाली घटना बताया है। इसके अलावा पोप लियो XIV ने पादरी और इस हमले में घायल हुए सभी पीड़ितों के लिए गहरा दुख व्यक्त किया है।





