Trump Warning to Iran: ट्रंप ने दी ईरान को बड़ी चेतावनी, Strait of Hormuz में तेल रोका तो होगा 20 गुना बड़ा हमला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई रोकने की कोई भी कोशिश करेगा, तो उस पर पहले से 20 गुना ज्यादा बड़ा हमला किया जाएगा। अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। इसके कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और खाड़ी देशों से होने वाले व्यापार पर सीधा असर पड़ा है।
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ईरान को क्या चेतावनी मिली और क्या हैं हालात
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social और एक टीवी इंटरव्यू में साफ कहा कि अगर ईरान तेल का रास्ता रोकता है, तो उसके बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हमले के बाद ईरान का दोबारा एक देश के रूप में खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। वर्तमान में Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों पर हमला करने की बात कही है। इसके जवाब में अमेरिका ने फैसला किया है कि US Navy अब तेल टैंकरों को सुरक्षा देगी। इसके अलावा अमेरिका के नतांज और इस्फहान में ईरान के परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की भी खबरें सामने आई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों पर असर और खाड़ी देशों का हाल
युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम तेजी से बदल रहे हैं। इसका सीधा असर आम लोगों और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। नीचे दिए गए आंकड़ों से स्थिति को समझा जा सकता है।
- ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent crude) की कीमत उछलकर 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
- अमेरिका में गैस के दाम एक हफ्ते में 14 प्रतिशत बढ़कर 3.41 डॉलर प्रति गैलन हो गए।
- Strait of Hormuz से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, जहां अभी जहाजों की आवाजाही लगभग शून्य हो गई है।
सऊदी अरब और UAE जैसे देशों को भी इसका भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। जहाजों की आवाजाही बंद होने के कारण सऊदी अरब अब तेल भेजने के लिए दूसरे रास्तों और पाइपलाइनों का विकल्प देख रहा है। अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बयान दिया है कि तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी सिर्फ कुछ समय के लिए है। जैसे ही ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के लक्ष्य पूरे होंगे, हालात फिर से सामान्य हो जाएंगे।





