Saudi Arabia Economy: जनवरी में सऊदी का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 10 प्रतिशत से ज्यादा उछला, माइनिंग सेक्टर में आई भारी तेज़ी
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) ने 10 मार्च 2026 को नए आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 में सऊदी अरब के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (IPI) में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल जनवरी के मुकाबले यह एक बड़ा उछाल है। यह मुख्य रूप से माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई तेजी के कारण संभव हुआ है और इससे सऊदी अरब की नॉन-ऑयल इकोनॉमी को काफी मजबूती मिली है।
औद्योगिक उत्पादन में उछाल के मुख्य कारण
इस बार इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में जो 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है, उसके पीछे कुछ खास सेक्टर्स का बड़ा योगदान है। सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड मिनरल रिसोर्सेज के प्रयासों का असर अब जमीन पर दिख रहा है।
- माइनिंग और क्वारीइंग (Mining and Quarrying): इंडेक्स में सबसे बड़ा हिस्सा इसी सेक्टर का होता है। माइनिंग के क्षेत्र में हुए अच्छे प्रदर्शन की वजह से पूरे प्रोडक्शन इंडेक्स में बड़ा उछाल आया है।
- मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Activity): देश में फैक्ट्रियों और कारखानों के काम में काफी तेजी आई है, जिससे प्रोडक्शन में अच्छी ग्रोथ मिली है।
- बिजली और गैस सप्लाई: हालांकि इंडेक्स में इसका हिस्सा थोड़ा कम होता है, लेकिन उद्योगों के चलने से इसकी डिमांड और सप्लाई में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
अर्थव्यवस्था और प्रवासियों पर इसका असर
सऊदी सरकार अपने नेशनल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड लॉजिस्टिक्स प्रोग्राम (NIDLP) के तहत अपनी अर्थव्यवस्था में तेल पर निर्भरता को कम करने का काम कर रही है। नॉन-ऑयल इकोनॉमी को मजबूत करने की दिशा में यह डबल डिजिट की ग्रोथ काफी अहम मानी जा रही है। इसका मतलब है कि देश में इंडस्ट्रियल आउटपुट तेजी से बढ़ रहा है।
इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम बढ़ने का सीधा फायदा रोजगार के बाजार को मिलता है। जो प्रवासी भारतीय और अन्य देशों के लोग सऊदी अरब के प्लांट, फैक्ट्री या माइनिंग क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उनके लिए यह एक सकारात्मक खबर है। प्रोडक्शन बढ़ने से काम में स्थिरता आती है और भविष्य में नई नौकरियों की मांग भी पैदा होती है।





