UAE Government Update: ईरान के हमलों पर अरब देशों की बड़ी बैठक, रेजोल्यूशन 9241 पास
8 मार्च 2026 को अरब देशों के मंत्रियों की एक बड़ी बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राज्य मंत्री खलीफा बिन शाहीन अल मरार ने की। इसमें ईरान द्वारा अरब देशों पर किए जा रहे हमलों पर चर्चा हुई और एक नया प्रस्ताव पास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा है।
मीटिंग में लिए गए बड़े फैसले क्या हैं?
इस बैठक में रेजोल्यूशन 9241 जारी किया गया है। इसके तहत अरब देशों ने साफ कर दिया है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी सुरक्षा करने का अधिकार तय किया है। लेबनान सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया गया जिसमें हिजबुल्लाह की सभी सैन्य गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही होर्मुज और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
हमलों का आम लोगों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ा?
ईरान के इन हमलों का निशाना रिहायशी इलाके, एयरपोर्ट और जेबेल अली जैसे प्रमुख समुद्री बंदरगाह रहे हैं। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल्बुदैवी ने कहा कि ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जगहों को निशाना बनाया गया है। 28 फरवरी 2026 से अब तक UAE और पड़ोसी देशों ने मिलकर 1,700 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किया है। सरकार ने सभी निवासियों और विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। जो यात्री फ्लाइट्स रद्द होने से प्रभावित हुए हैं, उनकी सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
आगे की क्या तैयारी है?
9 और 10 मार्च को यूरोपीय संघ (EU) के नेताओं के साथ मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों और दुनिया भर के देशों से संपर्क किया जा रहा है ताकि इस मुद्दे पर कड़ा कदम उठाया जा सके। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से भी अपील की गई है कि वह इन हमलों के खिलाफ एक पक्का नियम लाए। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल घैत ने इसे ईरान की बड़ी रणनीतिक गलती बताया है और कहा है कि सभी अरब देश अब एकजुट होकर इसका विरोध कर रहे हैं।





