सऊदी अरब पर ईरान का बड़ा हमला: अल-खर्ज में 2 की मौत 1 भारतीय घायल, क्राउन प्रिंस ने दी कड़ी चेतावनी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में मंगलवार 10 मार्च 2026 को कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में ईरान द्वारा सऊदी अरब, खाड़ी देशों और अन्य मित्र देशों पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई। सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया कि नागरिक ठिकानों, एयरपोर्ट और तेल संयंत्रों पर हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। अपने नागरिकों और देश की सुरक्षा के लिए सऊदी अरब कड़े कदम उठाने का पूरा अधिकार रखता है।
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हमलों का आम लोगों और उड़ानों पर क्या असर हुआ?
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी क्षेत्र में तेल वाले इलाकों को निशाना बनाने वाले 2 ड्रोन और 1 बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया है। इन हमलों के कारण आम जनजीवन पर भी असर पड़ा है:
- अल-खर्ज में नुकसान: यहाँ हुए एक हमले में 2 विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और 1 भारतीय समेत 12 लोग घायल हो गए।
- अल-जुल्फी में हादसा: एक ड्रोन रिहायशी इलाके में गिरा जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ, हालांकि यहाँ किसी की जान नहीं गई।
- उड़ानों की स्थिति: भारतीय दूतावास ने रियाद, जेद्दा और दम्माम से उड़ान भरने वाले यात्रियों को राहत दी है। इन शहरों से ट्रांसपोर्ट और फ्लाइट सेवाएं अभी सामान्य रूप से चल रही हैं।
- आसपास के देशों का हाल: कुवैत ने 6 ड्रोन मार गिराए हैं और यूएई भी अपनी सीमाओं पर लगातार खतरों को रोक रहा है।
सऊदी सरकार के कुछ नए और अहम फैसले
इस बैठक और हालिया अपडेट में कुछ अन्य जरूरी फैसले भी लिए गए हैं जो वहां काम कर रहे लोगों और कंपनियों से जुड़े हैं:
- विदेशी कंपनियों को छूट: सऊदी ने उन विदेशी कंपनियों के लिए नियम बदल दिए हैं जिनका क्षेत्रीय हेडक्वार्टर सऊदी में नहीं है। अब उन्हें भी टेंडर मिल सकेगा यदि उनकी बोली 25% सस्ती हो या कोई अन्य विकल्प न हो।
- फर्जी इंजीनियरों पर एक्शन: सऊदी काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स ने बिना सही डिग्री के काम कर रहे 684 इंजीनियरों पर 16 लाख रियाल का जुर्माना लगाया है।
- रमज़ान की तैयारी: रमज़ान के आखिरी 10 दिनों के लिए 84,000 मस्जिदों को नमाज़ियों के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।
- बजट 2026: क्राउन प्रिंस ने 2026 का नया बजट लागू करने का निर्देश दिया है जिसमें 1.31 ट्रिलियन रियाल का खर्च तय किया गया है।
तेल ठिकानों पर हो रहे इन लगातार हमलों के कारण दुनिया भर में कुकिंग गैस (LPG) की कमी हो रही है और विमानों के ईंधन महंगे होने से एयरलाइन टिकटों के दाम भी बढ़ रहे हैं।





