कतर ने नाकाम किया बड़ा मिसाइल हमला, ईरान पर लगाया सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का आरोप
कतर के रक्षा मंत्रालय ने 10 मार्च 2026 को देश पर हुए एक बड़े मिसाइल हमले को नाकाम करने का ऐलान किया है। कतर की आर्म्ड फोर्सेज ने इस हमले को समय रहते हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके साथ ही कतर ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह जानबूझकर सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कतर पर एक दिन पहले भी 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 6 ड्रोन से हमला किया गया था।
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ईरान के हमलों को लेकर कतर के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के इन हमलों को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने ईरान की इस हरकत को धोखा करार दिया है।
उन्होंने बताया कि इन हमलों में सिर्फ सैन्य ठिकानों को ही नहीं, बल्कि एनर्जी प्लांट, इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और पीने के पानी के सिस्टम को भी निशाना बनाया गया है।
लगातार हो रहे हमलों के कारण एक गैस फैसिलिटी पर काम कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार Mesaieed Power Plant और Ras Laffan जैसे अहम ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं।
कतर में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों के लिए क्या हैं निर्देश?
कतर के गृह मंत्रालय ने देश में रहने वाले सभी नागरिकों और भारत समेत अन्य देशों से आए प्रवासियों से अपील की है कि वे सिर्फ आधिकारिक सूत्रों से ही जानकारी हासिल करें। बिना पुष्ट हुई किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
मंत्रालय ने साफ कहा है कि अगर किसी को आसमान से गिरे हुए मिसाइल या ड्रोन के टुकड़े दिखें, तो उनके पास बिल्कुल न जाएं और न ही उनकी फोटो खींचें।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि फिलहाल कतर में सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है। पिछले 24 घंटों में किसी की जान जाने की खबर नहीं है, हालांकि 28 फरवरी से अब तक हवा में नष्ट किए गए मिसाइलों के टुकड़ों से करीब 16 आम लोग घायल हो चुके हैं। सऊदी अरब, UAE और कुवैत समेत कई देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है।




