Saudi Cabinet Decision: सऊदी अरब का बड़ा फैसला, 2 देशों के साथ टूरिज्म को लेकर हुआ नया समझौता
सऊदी अरब के कैबिनेट ने टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में 10 मार्च 2026 को हुई बैठक में हंगरी और सैन मैरिनो के साथ टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग के लिए दो नए समझौतों को मंजूरी दी गई है। यह कदम सऊदी विजन 2030 का हिस्सा है, जिससे आने वाले समय में देश में विदेशी निवेश और ग्लोबल टूरिज्म को रफ्तार मिलेगी।
इन दो देशों के साथ हुए समझौते में क्या है खास?
सऊदी अरब के टूरिज्म मंत्री अहमद अल-खतीब के नेतृत्व में हंगरी की टूरिज्म एजेंसी और सैन मैरिनो के पर्यटन मंत्रालय के साथ ये एमओयू साइन किए गए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य टूरिज्म से जुड़े नियम कानून, आंकड़ों का आदान-प्रदान और निवेश को बढ़ावा देना है। सैन मैरिनो के साथ हुए समझौते में विशेष रूप से टूरिज्म इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने पर जोर दिया गया है। इससे दोनों देशों के बीच हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर में नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने की उम्मीद है।
कैबिनेट की बैठक में और किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
टूरिज्म के अलावा इस बैठक में कई अन्य जरूरी फैसले भी लिए गए। कैबिनेट ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और स्पष्ट किया कि देश और यहां रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। खाड़ी देशों (GCC) और जॉर्डन के साथ पूरी एकजुटता दिखाई गई। इसके अलावा, सऊदी के एयरपोर्ट्स पर रुके हुए GCC नागरिकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था की भी समीक्षा की गई, ताकि उनकी सुरक्षित वापसी तक उन्हें कोई परेशानी न हो।
विजन 2030 और ग्लोबल टूरिज्म में सऊदी की भूमिका
सऊदी अरब के सूचना मंत्री सलमान अल-दोसारी ने मीडिया को जानकारी दी कि यह फैसला देश की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। सऊदी सरकार विजन 2030 के तहत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। इसलिए टूरिज्म सेक्टर में लगातार विदेशी निवेश और ग्लोबल पार्टनरशिप पर फोकस किया जा रहा है। इसके साथ ही घरेलू स्तर पर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और बेहतर खानपान की नीतियों पर भी इस सत्र में मुहर लगाई गई है।




