US सेना का बड़ा दावा, कहा- ईरान की ताकत हमारी सोच से ज्यादा नहीं, 10 दिन में 5000 ठिकानों पर हुआ हमला
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन (General Dan Caine) ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर बड़ा बयान दिया है। पेंटागन में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि वह युद्ध में ईरान के कड़े प्रतिरोध का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी सेना अमेरिका की उम्मीद से ज्यादा ताकतवर नहीं निकली। जनरल केन ने साफ कहा कि ईरान की सेना लड़ जरूर रही है, लेकिन वह उतनी खतरनाक नहीं है जितना हमने पहले सोचा था। अल जज़ीरा की रिपोर्ट में भी इस बयान की पुष्टि की गई है।
🗞️: इराक में UAE के वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमला, GCC और सऊदी समेत कई देशों ने की कड़ी निंदा।
10 दिन में 5000 ठिकानों पर हुआ हमला
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) के साथ हुई इस बातचीत में युद्ध से जुड़े कई बड़े आंकड़े सामने आए हैं। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिका ने 28 फरवरी से लेकर अब तक ईरान के 5000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है।
- पहले 10 दिनों के अंदर 50 से ज्यादा नौसेना के जहाजों को नष्ट किया गया।
- बारूदी सुरंग बिछाने वाले कई ईरानी जहाजों को भी अमेरिकी सेना ने तबाह कर दिया।
- 10 मार्च को युद्ध के सबसे तेज और बड़े हमले किए जाने की योजना बनाई गई।
खाड़ी देशों में रहने वालों और तेल पर क्या असर पड़ेगा?
इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों और वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों पर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पिछले एक हफ्ते से पूरी तरह बंद है। यह रास्ता तेल व्यापार के लिए बहुत अहम है और इसके बंद होने से तेल और LNG ले जाने वाले शिप बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने यह भी साफ किया कि यह कोई अंतहीन युद्ध नहीं है और इसे लंबा नहीं खींचा जाएगा। इस युद्ध को कब खत्म करना है, इसका आखिरी फैसला राष्ट्रपति ट्रंप लेंगे। फिलहाल आम लोगों और ग्लोबल मार्केट की नजर इस बात पर है कि यह तनाव कब शांत होता है ताकि तेल की सप्लाई और उड़ानों की स्थिति सामान्य हो सके।




