US Military Action: अमेरिका ने ईरान पर किया अब तक का सबसे बड़ा हमला, कुवैत में 6 ड्रोन मार गिराए गए
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ऐलान किया है कि 10 मार्च 2026 से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई सबसे तेज कर दी गई है। उन्होंने ईरान द्वारा पड़ोसी देशों पर किए गए हालिया हमलों को एक बड़ी गलती बताया है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। इसी बीच कुवैत में भी ड्रोन हमले की कोशिश हुई जिसे कुवैत सेना ने नाकाम कर दिया है।
कुवैत में 6 ड्रोन गिरे, आम लोगों के लिए क्या है आदेश?
कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत नेशनल गार्ड ने उत्तरी और दक्षिणी कुवैत में 6 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। कुवैत नेशनल गार्ड के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल जदान फादेल जदान ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जो भी भारतीय या अन्य प्रवासी कुवैत में रह रहे हैं, उन्हें इस समय प्रशासन की गाइडलाइन मानना जरूरी है ताकि वे सुरक्षित रहें।
ईरान पर अमेरिकी हमले का नया प्लान क्या है?
अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा है कि ईरान अब हताश हो गया है और यह उस पर सबसे कड़ा प्रहार करने का समय है। अमेरिकी सेना के जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है और अब भारी बमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- हमले के मुख्य लक्ष्य:
- ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को खत्म करना।
- नौसेना की ताकतों को नष्ट करना।
- परमाणु हथियार हासिल करने से हमेशा के लिए रोकना।
अमेरिका इस बड़े ऑपरेशन में B-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा 500 से 2000 पाउंड के बम भारी संख्या में गिराए जा रहे हैं।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर क्या पड़ेगा असर?
ईरान ने अपने जवाबी हमलों में सऊदी अरब, कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है क्योंकि इन देशों में अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं। हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने 14 देशों में अपने नागरिकों के लिए इवैक्यूएशन (निकासी) के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा खाड़ी देशों में कई दूतावास बंद कर दिए गए हैं। यह स्थिति उन लाखों भारतीयों और प्रवासियों के लिए चिंता का विषय है जो काम के सिलसिले में इन देशों में रहते हैं। ऐसे माहौल में सभी को अपने संबंधित दूतावास के संपर्क में रहने और बेवजह यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।




