इराक में UAE के वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमला, GCC और सऊदी समेत कई देशों ने की कड़ी निंदा
इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के एरबिल (Erbil) में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के वाणिज्य दूतावास पर सोमवार रात ड्रोन से हमला हुआ। इस दौरान गठबंधन सेना ने विस्फोटकों से भरे तीन ड्रोन को बीच में ही रोक दिया। एक ड्रोन का मलबा दूतावास के पास गिरा जिससे इमारत को नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह है कि इस घटना में दूतावास के किसी भी कर्मचारी या राजनयिक को कोई चोट नहीं आई।
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हमले पर GCC और अन्य देशों की प्रतिक्रिया
इस हमले के बाद गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अलबुदैवी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह राजनयिक मिशनों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है और 1961 के वियना कन्वेंशन का सीधा उल्लंघन है। इस घटना को लेकर कई देशों ने अपना समर्थन दिया:
- सऊदी अरब और जॉर्डन ने इसे राजनयिक नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
- कतर, कुवैत और बहरीन ने आतंकवाद के खिलाफ UAE के साथ पूरी एकजुटता दिखाई।
- गठबंधन सेना ने समय रहते ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
UAE सरकार ने की संयुक्त जांच की मांग
घटना के बाद UAE के विदेश मंत्रालय ने इराक सरकार और कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (KRG) से मिलकर एक संयुक्त जांच शुरू करने की मांग की। इसका मुख्य उद्देश्य इस हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान करना और उन पर कार्रवाई करना है।
कुर्दिस्तान सरकार ने इराक सरकार से अपील की है कि वह देश में अवैध रूप से काम कर रहे हथियारबंद गुटों पर लगाम लगाए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इराक के प्रधानमंत्री से बात कर इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों से जोड़ा।




