Donald Trump का बड़ा बयान: होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित जा सकते हैं तेल के टैंकर, कच्चे तेल के गिरे दाम
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 11 मार्च 2026 को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि तेल के टैंकर अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर सकते हैं और डरने की कोई बात नहीं है. Saudi News 50 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने शिपिंग कंपनियों से कहा है कि वो बिना डरे अपना काम शुरू करें क्योंकि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ज्यादातर लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं. इस बयान के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक गिरावट देखने को मिली है.
क्या समुद्र में अभी भी खतरा है?
ट्रंप के बयान के बावजूद समुद्र में अभी भी पूरी तरह से शांति नहीं है. UK Maritime Trade Operations (UKMTO) की रिपोर्ट के मुताबिक 11 मार्च को तीन जहाजों पर हमले हुए हैं. इनमें थाईलैंड और मार्शल आइलैंड के जहाज शामिल हैं.
वाइट हाउस ने साफ किया है कि फिलहाल कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा नहीं दी जा रही है. हालांकि इससे पहले ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने सुरक्षा देने की बात कही थी जिसे बाद में हटा लिया गया. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो समुद्र से बारूदी सुरंगें (Mines) तुरंत हटा ले, वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे.
कच्चे तेल के दाम और राहत के बड़े कदम
ट्रंप के इस बयान के बाद कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों को लेकर कई बड़े बदलाव हुए हैं. बाजार को स्थिर रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई फैसले लिए गए हैं.
- कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर से घटकर 92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं.
- International Energy Agency (IEA) ने इमरजेंसी रिजर्व से 400 मिलियन बैरल तेल जारी किया है, जो अब तक की सबसे बड़ी राहत है.
- जहाजों का इंश्योरेंस सस्ता करने के लिए अमेरिका 20 बिलियन डॉलर की नई इंश्योरेंस स्कीम ला रहा है.
- रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में अभी भी 80 से 90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
खाड़ी देशों की स्थिति और प्रवासियों पर असर
इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. Saudi Aramco के सीईओ अमीन नासेर ने चेतावनी दी है कि अगर यह रास्ता बंद रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 21 ड्रोन और 7 मिसाइलों को नष्ट किया है जो किंगडम की तरफ आ रहे थे. अगर यह स्थिति लंबी चलती है, तो सऊदी और अन्य खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों पर भी असर पड़ सकता है. वहीं ईरान की सेना (IRGC) ने धमकी दी है कि वो एक लीटर तेल भी इस रास्ते से नहीं जाने देंगे. ईरान के अधिकारियों ने यह भी कहा है कि अगर तनाव बढ़ा तो तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है.




