Iran Military Warning: ईरान की सेना का बड़ा ऐलान, हमला होने पर खाड़ी देशों के बंदरगाहों को बनाया जाएगा निशाना
ईरान के सशस्त्र बलों के वरिष्ठ प्रवक्ता मेजर जनरल Abolfazl Shekarchi ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के बंदरगाहों या ठिकानों पर हमला होता है, तो इस क्षेत्र के अन्य बंदरगाह भी उनके लिए वैध लक्ष्य बन जाएंगे। यह चेतावनी उन देशों के लिए है जो ईरान के खिलाफ अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की इजाजत देंगे।
किन देशों को बनाया जाएगा निशाना?
मेजर जनरल ने 6 मार्च 2026 को स्पष्ट किया कि जो भी देश ईरान पर हमला करने के लिए दुश्मनों को अपने हवाई क्षेत्र, जमीन या अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने देगा, उसे सीधा निशाना बनाया जाएगा। वहीं, जो देश ऐसा नहीं करेंगे उनकी सुरक्षा बरकरार रहेगी। यह बयान 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले (Operation Epic Fury) के बाद आया है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान लगातार कड़े कदम उठा रहा है।
व्यापार और खाड़ी के बंदरगाहों पर क्या असर हुआ?
ईरान ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इसके कारण समुद्री व्यापार और यातायात पर काफी असर पड़ा है।
- अब तक कम से कम 8 व्यावसायिक जहाजों पर हमला हो चुका है।
- होर्मुज का रास्ता लगभग बंद है, 4 मार्च 2026 को यहां से सिर्फ 5 जहाज गुजरे।
- खलीफा पोर्ट (Khalifa Port) पर जहाजों की रवानगी में देरी 1300 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
- खलीफा पोर्ट पर 14 लोड होने वाले जहाज और 11 ट्रांसशिपमेंट में देरी दर्ज की गई है।
हालिया हमले और प्रवासियों पर इसका प्रभाव
ईरान ने अपने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस फोर’ के 33वें चरण के तहत 10 और 11 मार्च 2026 को इजरायल के हाइफा (Haifa) शहर में ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर ड्रोन से हमले किए हैं। इसके अलावा अमेरिका के हरीर एयर बेस (Harir Air Base) पर भी हमले का दावा किया गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह स्थिति थोड़ी चिंता पैदा करने वाली है क्योंकि बंदरगाहों पर काम धीमा होने से कमर्शियल सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है। समुद्री रास्ते में रुकावट से आने वाले समय में सामानों की आवाजाही और व्यापार प्रभावित होगा।




