Israel Iran War Rule: इजराइल और ईरान ने जारी किया नया आदेश, मिसाइल हमले का वीडियो बनाने पर हो सकती है जेल
ईरान के IRGC और लेबनान के हिजबुल्लाह ने इजराइल के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए एक साथ कई बड़े हमले किए हैं। इन सैन्य कार्यवाहियों के बीच इजराइल और ईरान दोनों देशों की सरकारों ने सूचनाओं को बाहर जाने से रोकने के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब अगर कोई भी व्यक्ति मिसाइल हमले या सेना के ठिकानों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालता है, तो उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईरान में तो इसके लिए बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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ईरान और इजराइल में वीडियो बनाने पर क्या हैं नए नियम?
दोनों देशों ने अपने सैन्य नुकसान की जानकारी को छिपाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत आम जनता और पत्रकारों पर कई पाबंदियां लगाई गई हैं।
- ईरान के नियम: तेहरान के अभियोजक अली सालेही ने आदेश जारी किया है कि ईरानी ठिकानों पर हुए हमलों का वीडियो बनाना या जानकारी फैलाना दुश्मन का साथ देने के बराबर माना जाएगा। ईरान के कानून के तहत ऐसे मामलों में मौत की सजा भी मिल सकती है।
- इजराइल के नियम: IDF के चीफ सेंसर ब्रिगेडियर जनरल नेत्नेल कुला ने सायरन बजने के दौरान लाइव ब्रॉडकास्ट करने पर रोक लगा दी है। रॉकेट गिरने की जगह का वीडियो बनाने या सही पता बताने की सख्त मनाही है।
- कार्रवाई की चेतावनी: इजराइल के मंत्री इतामार बेन ग्विर ने साफ कहा है कि सुरक्षा से समझौता करने वाले किसी भी पत्रकार या आम नागरिक को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है।
हिजबुल्लाह और ईरान के साझा हमले में क्या हुआ?
हाल ही में हिजबुल्लाह और ईरान की सेना ने मिलकर इजराइल पर कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल (कादर, एमाद और फतह) दागे। इस साझा ऑपरेशन का मुख्य मकसद इजराइल के सुरक्षा चक्र को भेदना था।
- हमले के मुख्य टारगेट: इन हमलों में हाइफा के पास मौजूद नेशरिम बेस, स्टेला मारिस बेस और सैन्य उद्योगों को निशाना बनाया गया।
- इजराइल का बयान: IDF के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदव शोशानी ने माना कि यह एक बड़ा और साझा हमला था, लेकिन उनके अनुसार इससे इजराइल को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है।
- नुकसान की सही जानकारी नहीं: अल जज़ीरा की रिपोर्ट बताती है कि सेना और सरकारों द्वारा जानकारी पर रोक लगाने के कारण यह पता लगाना मुश्किल है कि इन हमलों से असल में कितना नुकसान हुआ है।
- लेबनान में असर: 11 मार्च को इजराइल द्वारा लेबनान में किए गए हमलों में कम से कम 21 लोगों की जान गई है। वहीं ऑपरेशन रोरिंग लायन शुरू होने के बाद से 2500 से अधिक लोग इजराइली अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं।





