Saudi Arabia Update: सऊदी अरब ने UN के फैसले का किया स्वागत, ईरान के हमलों की हुई कड़ी निंदा
सऊदी अरब ने बुधवार 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस प्रस्ताव का स्वागत किया जिसमें खाड़ी देशों और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई है। प्रस्ताव नंबर 2817 को 13 वोटों के साथ पास किया गया, जबकि चीन और रूस ने वोटिंग से दूरी बनाए रखी। इस प्रस्ताव को सऊदी अरब, बहरीन, UAE, कतर, ओमान, कुवैत और जॉर्डन ने मिलकर पेश किया था जिसे 135 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला।
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प्रस्ताव 2817 में क्या खास बातें हैं?
इस प्रस्ताव में साफ तौर पर कहा गया है कि ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन हैं। इसके तहत ईरान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया है।
- ईरान के हमलों को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया गया है।
- ईरान से तुरंत बिना किसी शर्त के हमलों और उकसावे वाली कार्रवाई रोकने की मांग की गई है।
- रूस द्वारा पेश किए गए एक अलग प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र ने खारिज कर दिया।
- बहरीन ने खाड़ी देशों की तरफ से इस प्रस्ताव के ड्राफ्ट को लीड किया।
सऊदी अरब का आधिकारिक बयान
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस प्रस्ताव को मिला भारी समर्थन बता रहा है कि पूरी दुनिया इन हमलों के खिलाफ है। सऊदी अरब ने साफ किया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत सभी जरूरी कदम उठाएगा। सऊदी अधिकारियों ने यह भी बताया कि उनके लड़ाकू विमान केवल अपनी सीमा और आसमान की सुरक्षा के लिए गश्त कर रहे हैं और किसी भी युद्ध का हिस्सा नहीं हैं। संयोग से यह कूटनीतिक सफलता ऐसे दिन आई जब सऊदी अरब अपना राष्ट्रीय ध्वज दिवस (Flag Day) मना रहा था।
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका असर
ईरान के हमलों में कई बार रिहायशी इलाकों और इमारतों को निशाना बनाया गया है। खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह प्रस्ताव एक राहत की खबर है। इस प्रस्ताव में आम नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इससे इलाके में शांति आने की उम्मीद है जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।





