Iran News: ईरान ने भारतीय जहाजों को Strait of Hormuz से सुरक्षित जाने की दी इजाजत, अब नहीं होगा हमला
ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद आया है। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण वहां समुद्री यातायात काफी हद तक रुक गया था, लेकिन अब भारतीय जहाजों के लिए रास्ता साफ हो गया है। भारत और ईरान के बीच 10 मार्च को हुई इस कूटनीतिक बातचीत के बाद यह बड़ी राहत मिली है।
भारतीय जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम
- ईरान की Revolutionary Guards (IRGC) ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी।
- भारतीय जहाजों को रेडियो या अन्य समुद्री संचार माध्यमों के जरिए ईरानी अधिकारियों से संपर्क करना होगा।
- ईरान ने कहा है कि जो जहाज अमेरिका, इजरायल या यूरोप के हितों से नहीं जुड़े हैं, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।
- बुधवार और गुरुवार के बीच MT Pushpak और MT Parimal नाम के दो भारतीय टैंकरों ने इस रास्ते को सुरक्षित पार कर लिया है।
- अगर कोई जहाज बिना अनुमति के प्रवेश करता है या चेतावनी को नजरअंदाज करता है, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है।
खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा और डेटा
भारत के जहाजरानी मंत्रालय ने पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में फिलहाल भारत के 28 जहाज मौजूद हैं। इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में काम कर रहे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में कहा था कि कमर्शियल जहाजों को युद्ध का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे बेगुनाह क्रू मेंबर्स की जान को खतरा होता है। इस संघर्ष के दौरान अब तक दो भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।
| जानकारी का प्रकार | आंकड़े और विवरण |
|---|---|
| कुल भारतीय जहाज | 28 जहाज वर्तमान में इस क्षेत्र में हैं |
| तेल का महत्व | दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है |
| हालिया घटना | Express Rome और Mayuree Naree पर ईरानी हमला हुआ |
| सफल ट्रांजिट | MT Pushpak और MT Parimal सुरक्षित निकले |
ईरान के रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी ने चेतावनी दी है कि जो जहाज अमेरिका या इजरायल के भरोसे रहेंगे, उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि भारत के साथ अच्छे संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को विशेष छूट दी गई है। यह उन हजारों भारतीय नाविकों के लिए भी बड़ी खबर है जो इन समुद्री रास्तों पर काम करते हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।





