Kuwait New Law: कुवैत में ईरान के हमलों के बाद सेना में भर्ती अनिवार्य, नौकरी के लिए सर्टिफिकेट हुआ जरूरी
कुवैत पर ईरान की तरफ से हो रहे हमलों के बाद हालात गंभीर हो गए हैं. कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने देश भर में सैन्य लामबंदी (mobilization) की घोषणा कर दी है. रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार 12 मार्च को कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. कुवैत के अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-सबाह ने इसे पड़ोसी देश का क्रूर हमला बताया है. इन हालातों को देखते हुए कुवैत ने सेना और नौकरी से जुड़े कई सख्त नियम लागू कर दिए हैं.
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सेना में भर्ती के नए नियम और नौकरी पर सीधा असर
कुवैत सरकार ने डिक्री-लॉ नंबर 9 के तहत राष्ट्रीय सैन्य सेवा कानून में बड़े बदलाव किए हैं. नए नियम के अनुसार 18 साल के हो चुके सभी कुवैती पुरुषों (जिनका जन्म 1 जनवरी 2012 या उसके बाद हुआ है) को 180 दिनों के अंदर सेना में सेवा के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है. सबसे बड़ा बदलाव नौकरी और काम को लेकर हुआ है. अब किसी भी सरकारी या प्राइवेट कंपनी में जॉब के लिए सेना में सेवा या छूट का सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा.
बिना इस सर्टिफिकेट के कोई भी प्रोफेशनल प्रैक्टिस लाइसेंस जारी या रिन्यू नहीं होगा. देश में आपातकाल या युद्ध के दौरान अगर कोई अपनी ड्यूटी पर नहीं आता है, तो उसके लिए भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान किया गया है.
हमलों से हुआ नुकसान और बचाव की तैयारी
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान ने बताया कि 24 घंटे मिसाइल खतरों की निगरानी की जा रही है. आसमान में नष्ट किए गए ड्रोन के मलबे से 6 पावर ट्रांसमिशन लाइनें काम करना बंद कर चुकी हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बिजली और पानी की स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में है. कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कुछ अन्य जगहों पर भी ड्रोन से नुकसान हुआ है.
इन हमलों में ड्यूटी के दौरान सेना और सीमा सुरक्षा के 4 जवान जान गंवा चुके हैं. इनके परिवारों के सम्मान के लिए रक्षा मंत्रालय ने एक नया शहादत कार्यालय बनाया है. लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) ने तेल की बिक्री पर फोर्स मेज्योर लागू कर दिया है. दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पास करके ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है.





