Dubai Shared Housing Law: दुबई में शेयरिंग रूम पर आया नया कानून, नियम तोड़ने पर 5 लाख दिर्हाम तक का जुर्माना
दुबई में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए एक अहम खबर है। दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शेयरिंग रूम यानी साझा आवास को लेकर नया कानून Law No. (4) of 2026 जारी किया है। इस नए नियम का मकसद ज्यादा भीड़भाड़ को रोकना और लोगों को सुरक्षित रहने की जगह देना है। जो भी इस नियम का उल्लंघन करेगा, उस पर 500 दिर्हाम से लेकर 5 लाख दिर्हाम तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
क्या हैं शेयरिंग रूम के नए नियम और परमिट?
अब दुबई में कोई भी व्यक्ति बिना Dubai Municipality के परमिट के अपना घर या कमरा शेयरिंग के लिए नहीं दे सकता है। केवल संपत्ति के मालिक या लाइसेंस प्राप्त मैनेजमेंट कंपनी को ही शेयरिंग रूम किराए पर देने का अधिकार होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब किराएदार अपने कमरे का कोई भी हिस्सा आगे किसी और को सबलेट (Sublease) नहीं कर सकेंगे।
इसके अलावा, Dubai Municipality हर कमरे में रहने वालों की अधिकतम संख्या और जगह तय करेगी। सभी शेयरिंग घरों में साफ-सफाई, आग से बचाव और बिजली की सुरक्षा के कड़े नियम लागू होंगे। यह नियम आबादी और इलाके के हिसाब से कुछ चुनिंदा जगहों पर ही लागू किए जाएंगे, जिसके लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बनाया जा रहा है।
नियम तोड़ने पर कितना लगेगा जुर्माना?
नए कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति या कंपनी नियमों का पालन नहीं करती है, तो उन पर 500 दिर्हाम से लेकर 5 लाख दिर्हाम तक का जुर्माना लग सकता है। अगर एक साल के अंदर दोबारा वही गलती की जाती है, तो यह जुर्माना दोगुना होकर 10 लाख दिर्हाम तक पहुंच सकता है।
जुर्माने के अलावा प्रशासन कुछ सख्त कदम भी उठा सकता है जिनमे शामिल हैं:
- हाउसिंग परमिट और कमर्शियल लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
- नियम पूरी तरह से लागू होने तक घर की पानी और बिजली काटी जा सकती है।
- शेयरिंग आवास का काम 6 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
- गलत तरीके से रह रहे लोगों को तुरंत घर खाली करने का आदेश दिया जा सकता है।
कब से लागू होगा यह नया कानून?
यह नया कानून आधिकारिक राजपत्र में छपने के 180 दिन बाद पूरे दुबई में लागू हो जाएगा। इसके दायरे में प्राइवेट डेवेलपमेंट और फ्री जोन भी आएंगे। जो लोग पहले से ही शेयरिंग आवास चला रहे हैं या इसके मालिक हैं, उन्हें अपने घरों को नए नियमों के हिसाब से बदलने के लिए एक साल का ग्रेस पीरियड दिया गया है।
इन नए नियमों के आने से दुबई में बेड-स्पेस के नाम पर चल रहे काम अब अवैध नहीं रहेंगे बल्कि एक कानूनी दायरे में आ जाएंगे। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से शेयरिंग में रहने वाले लोगों को एक सुरक्षित और साफ़-सुथरा माहौल मिलेगा और संपत्ति मालिकों के अधिकारों की भी रक्षा होगी।





