China Middle East Update: चीन ने मिडिल ईस्ट युद्ध पर दिया बड़ा बयान, अमेरिका और इस्राइल से तुरंत मिलिट्री ऑपरेशन रोकने की अपील
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच चीन ने एक बड़ा बयान जारी किया है। 12 मार्च 2026 को चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मिस्र के विदेश मंत्री के साथ फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि युद्ध में शामिल सभी देशों को तुरंत अपने मिलिट्री ऑपरेशन रोक देने चाहिए। चीन का मानना है कि इस विवाद को आगे बढ़ाने से पूरी दुनिया की शांति खतरे में पड़ जाएगी और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
चीन ने क्यों दी चेतावनी और क्या है उसकी मांग?
चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर किये गए हमले को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि इन हमलों के लिए UN Security Council से कोई इजाज़त नहीं ली गई थी।
चीन ने साफ़ किया है कि ईरान और खाड़ी देशों की सुरक्षा और आज़ादी का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।
चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग बिन ने भी कहा कि सिर्फ ताकत के दम पर कुछ सही नहीं हो जाता। उन्होंने नागरिक ठिकानों और बेकसूर लोगों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है और बातचीत से मामला सुलझाने की बात कही है।
कतर और पाकिस्तान के साथ चल रही बातचीत
इस पूरे मामले को शांत करने के लिए चीन लगातार कतर और पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रहा है।
इसका मकसद किसी भी तरह से तुरंत सीजफायर लागू करना और मामले का राजनीतिक हल निकालना है।
लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए चीन ने अपने नागरिकों के लिए अलर्ट भी जारी किया है। सुरक्षा कारणों से मार्च की शुरुआत में ही 3000 से ज़्यादा चीनी नागरिक ईरान छोड़कर वापस आ चुके हैं।
चीन अब UN Security Council में एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की तैयारी कर रहा है ताकि खाड़ी देशों में शांति वापस आ सके और युद्ध का असर ग्लोबल मार्केट पर ना पड़े।





