MEA Update: पश्चिम एशिया से 1.3 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे, सरकार ने जारी किया नया अलर्ट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा अपडेट दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि 28 फरवरी से अब तक करीब 1,30,000 भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं. इस इलाके में बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए सरकार लगातार निकासी में मदद कर रही है और लोगों को सुरक्षित निकाल रही है.
कैसे हो रही है भारतीयों की वापसी
ईरान और आसपास के देशों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. जिन देशों में सीधी कमर्शियल फ्लाइट बंद कर दी गई हैं, वहां सड़क के रास्ते भी लोगों को बॉर्डर पार कराया जा रहा है ताकि वे दूसरे देशों से फ्लाइट ले सकें.
- करीब 170 भारतीय ईरान से सड़क मार्ग के जरिए आर्मेनिया पहुंच चुके हैं, जहां से वे फ्लाइट लेकर देश वापस आ रहे हैं.
- वापस लौटने वाले कुल लोगों में लगभग 60 प्रतिशत ने भारतीय एयरलाइंस का इस्तेमाल किया है.
- ईरान में शुरुआत में लगभग 9,000 भारतीय थे, जिनमें कई छात्र, नाविक और तीर्थयात्री शामिल थे.
- लोगों की मदद के लिए दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया गया है और सभी दूतावासों में 24 घंटे हेल्पलाइन चालू है.
गल्फ में रहने वालों के लिए जरूरी गाइडलाइंस
विदेश मंत्रालय ने गल्फ और पश्चिम एशिया में काम करने वाले या वहां का सफर करने वाले भारतीयों के लिए जरूरी नियम बताए हैं. सरकार ने साफ कहा है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, इस इलाके और खासकर ईरान की यात्रा करने से पूरी तरह बचें. जो भारतीय नागरिक अभी वहां मौजूद हैं, उन्हें बिना देरी किए अपने संबंधित दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है.
गल्फ देशों में करीब एक करोड़ भारतीय काम करते हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी संसद में बताया है कि सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय हैं.




