आसमान छू रहे कच्चे तेल के दाम, मिडिल ईस्ट युद्ध रोकने के लिए ASEAN देशों ने की सख्त अपील
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया और खासकर एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। 13 मार्च 2026 को फिलीपींस की अध्यक्षता में ASEAN देशों के विदेश और आर्थिक मंत्रियों की एक खास वर्चुअल बैठक हुई। इस बैठक में सभी देशों ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को तुरंत रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतों और व्यापार में आ रही रुकावटों के कारण दक्षिण पूर्व एशिया की अर्थव्यवस्थाओं को भारी नुकसान हो रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और महंगाई का खतरा
युद्ध के कारण कच्चे तेल के बाजार में भारी उथल-पुथल मची है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत पिछले कुछ दिनों में लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो अब 92 से 100 डॉलर के बीच बनी हुई है। अर्थशास्त्री निकोलस मुल्डर ने इसे अब तक का सबसे बड़ा ऑयल सप्लाई शॉक बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई है और समुद्री जहाजों पर हमले बढ़े हैं। इसके कारण माल ढुलाई, बीमा और लॉजिस्टिक्स का खर्च काफी बढ़ गया है, जिससे रोजमर्रा के सामान और खाने-पीने की चीजों में महंगाई तेजी से बढ़ रही है। फिलीपींस के व्यापार अवर सचिव एलन गेप्टी ने भी कहा है कि इस संकट के कारण महंगाई और नौकरियों पर पड़ने वाले असर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बचाव के लिए देशों और संस्थाओं ने उठाए ये बड़े कदम
इस संकट से निपटने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और कई देशों ने अपने स्तर पर इमरजेंसी कदम उठाए हैं। IEA ने कहा है कि सिर्फ तेल रिजर्व जारी करना एक अस्थायी उपाय है और युद्ध का जल्दी रुकना बहुत जरूरी है। अलग-अलग देशों ने स्थिति को सँभालने के लिए कुछ सख्त फैसले लिए हैं:
- IEA का ऐतिहासिक कदम: दुनियाभर में तेल की सप्लाई को स्थिर रखने के लिए IEA ने अपने इमरजेंसी रिजर्व से 40 करोड़ बैरल तेल जारी किया है, जो इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा रिलीज है।
- फिलीपींस की तैयारी: ईंधन बचाने के लिए सरकारी कामकाज के दिन कम करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही सरकार फ्यूल टैक्स को रोकने और रूस से तेल खरीदने पर विचार कर रही है।
- थाईलैंड और वियतनाम: थाईलैंड ने अपने घरेलू रिजर्व को बचाने के लिए लाओस और म्यांमार को छोड़कर बाकी सभी देशों को ऊर्जा निर्यात पूरी तरह रोक दिया है। वहीं वियतनाम ने खुदरा ईंधन की कीमतों में बदलाव किया है।
- इंडोनेशिया ने टाला D-8 समिट: ईरान के इस युद्ध में शामिल होने के कारण इंडोनेशिया ने अप्रैल में जकार्ता में होने वाले D-8 शिखर सम्मेलन को टालने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।




