US और Israel का Iran पर बड़ा हमला, 15 हज़ार से ज्यादा ठिकानों को किया तबाह, अमेरिका के रक्षा मंत्री का दावा
अमेरिका और इजराइल (Israel) ने ईरान (Iran) के खिलाफ एक बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 13 मार्च 2026 को इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने मिलकर ईरान में 15,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया. इस अभियान को एक बड़ी सैन्य सफलता बताया जा रहा है.
हमले की शुरुआत और मुख्य उद्देश्य
यह सैन्य अभियान 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था. शुरुआती 24 घंटों में ही इजराइल ने करीब 200 फाइटर जेट और 1,200 से ज्यादा बमों का इस्तेमाल करके 500 सैन्य ठिकानों पर हमला किया. रक्षा मंत्री हेगसेथ के अनुसार, इस अभियान में हर दिन 1,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं.
इस अभियान के कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
- ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को खत्म करना.
- रक्षा बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह करना.
- ईरान की नौसेना (Navy) को कमजोर करना.
- परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना.
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी दावा किया कि 11 मार्च तक ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की पूरी क्षमता को नष्ट कर दिया गया. सभी कारखानों और निर्माण सुविधाओं को तबाह कर दिया गया.
ईरान का पलटवार और मिसाइल हमले
इस भारी हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की. 12 और 13 मार्च 2026 को ईरान ने अपने हमलों की 42वीं लहर शुरू की. ईरान ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर खुर्रमशहर मिसाइल, काद्र सिस्टम और फतह हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया.
दोनों तरफ से सैन्य कार्रवाई बहुत तेज हो गई है. मध्य पूर्व में चल रहे इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों की यात्राओं और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.




