Iran का बड़ा दावा, मिडिल ईस्ट में US बेस पर 50वीं बार किया हमला, खाड़ी देशों में रहने वालों की बढ़ी चिंता
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर से बड़ा ऑपरेशन करने का दावा किया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इसे अपने हमलों की 50वीं लहर बताया है। इस ताजा घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गल्फ देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासी इस खबर पर करीब से नजर बनाए हुए हैं।
क्या है ईरान का यह नया दावा?
अल जज़ीरा के अनुसार, ईरान के IRGC ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर इस ऑपरेशन की पुष्टि की है। इस बयान में कहा गया है कि यह अमेरिकी बेस के खिलाफ उनकी 50वीं कार्रवाई है।
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में किस तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया और अमेरिकी ठिकानों को कितना नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से भी इस पर विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है।
इस तरह के सैन्य ऑपरेशन क्षेत्र में पहले से चल रहे विवादों को और बढ़ा रहे हैं। दोनों देशों के बीच लगातार हो रही इन कार्यवाहियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को क्या जानना चाहिए?
मिडिल ईस्ट में जब भी इस तरह का सैन्य तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर एयरस्पेस और फ्लाइट्स के संचालन पर पड़ने की संभावना रहती है।
सऊदी अरब, यूएई, कतर और ओमान जैसे देशों में रहने वाले प्रवासियों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें अपने आसपास के हालात को लेकर अपडेट रहना चाहिए।
अगर आप इन दिनों गल्फ देशों से भारत या किसी अन्य देश की यात्रा करने वाले हैं, तो अपनी एयरलाइंस से Flight के समय की जानकारी जरूर चेक करते रहें। स्थानीय प्रशासन द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करना सभी के लिए सुरक्षित कदम होता है।




