खाड़ी देशों के समंदर में जहाजों पर 17 बड़े हमले, 5 भारतीयों की मौत के बाद Indian Navy अलर्ट पर
West Asia के समंदर में पिछले दो हफ्तों के दौरान मर्चेंट जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं। UKMTO की रिपोर्ट के अनुसार 1 मार्च से 14 मार्च 2026 के बीच कम से कम 17 जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में अब तक 5 भारतीयों की मौत हो चुकी है और करीब 20 भारतीय घायल हैं। हालात को देखते हुए इस इलाके में मरीन खतरे को क्रिटिकल घोषित कर दिया गया है। Indian Navy ने भी मर्चेंट जहाजों की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत अलर्ट पर रखे हैं।
किन जहाजों पर हुआ हमला और कितने भारतीयों की गई जान?
इन हमलों का सीधा असर खाड़ी देशों में काम करने वाले और समंदर के रास्ते सफर करने वाले भारतीयों पर पड़ा है। अलग-अलग घटनाओं में 5 भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है।
- MKD VYOM: 2 मार्च को इस टैंकर पर हमला हुआ जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई।
- Skylight: इस ऑयल टैंकर पर हुए हमले में दो भारतीय क्रू मेंबर मारे गए।
- ओमान के सोहार में हमला: 13 मार्च को ओमान के सोहार इंडस्ट्रियल एरिया में एक ड्रोन स्ट्राइक हुआ। इसमें दो विदेशियों की मौत हुई, जिनकी पहचान MEA ने भारतीय नागरिकों के रूप में की है।
- लगातार हमले: हाल ही में 24 घंटे के भीतर ZEFYROS, SAFESEA VISHNU और SOURCE BLESSING जैसे कमर्शियल जहाजों पर भी हमले हुए हैं।
सरकार और Indian Navy के क्या कदम हैं?
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि कमर्शियल जहाजों पर हो रहे मिलिट्री हमले काफी चिंताजनक हैं और इसमें कई कीमती जानें गई हैं। ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां की अथॉरिटी के संपर्क में है ताकि फंसे हुए भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाला जा सके।
समंदर में लगातार हो रहे इन हमलों को देखते हुए Indian Navy के युद्धपोत Persian Gulf के पास स्टैंडबाय पर रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर जहाजों को एस्कॉर्ट और मदद दी जा सके। समंदर में खतरे को देखते हुए Maersk और MSC जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियों ने Strait of Hormuz के रास्ते अपने जहाजों को भेजना बंद कर दिया है और दूसरे सुरक्षित रास्तों की तलाश कर रहे हैं।




