US Central Command का बड़ा बयान: ईरान में 6000 ठिकानों पर अमेरिकी हमले, ईरान की सैन्य ताकत हुई कमजोर
US Central Command (CENTCOM) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ईरान की सैन्य क्षमता लगातार गिर रही है। अमेरिकी सेना अब ईरान के बड़े हिस्से पर अपना पूरा नियंत्रण बना चुकी है। ‘Operation Epic Fury’ के तहत अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, अमेरिकी सेना अब केवल बचाव नहीं कर रही है, बल्कि ईरानी सैन्य ढांचे को पूरी तरह से खत्म करने का काम कर रही है।
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अमेरिका द्वारा किए गए बड़े हमले और नुकसान के आंकड़े
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरानी एयर डिफेंस के नष्ट होने के बाद अमेरिकी सेना ईरान के आसमान में बिना किसी रोक-टोक के हावी हो गई है। 15 मार्च को खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर एक बड़ा बमबारी अभियान चलाया गया। इसमें नौसेना के माइन स्टोरेज और मिसाइल बंकर सहित 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया।
CENTCOM की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन लॉन्च में भारी कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही ईरानी नौसेना की ताकत को भी खत्म किया जा रहा है ताकि वे समुद्री रास्तों को नुकसान न पहुंचा सकें।
- 12 से 15 मार्च के बीच ईरान के अंदर 6,000 से अधिक ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई।
- अब तक 90 से अधिक ईरानी जहाजों को नष्ट किया गया है, जिसमें 30 माइनलेयर शामिल हैं।
- Soleimani-class युद्धपोत की पूरी फ्लीट को तबाह कर दिया गया है।
- अमेरिकी सेना केवल सैन्य ढांचे को निशाना बना रही है और तेल निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर को बचाया जा रहा है।
खाड़ी देशों के प्रवासियों और आम नागरिकों पर असर
इस सैन्य अभियान का असर सीधे तौर पर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। जिन देशों में अमेरिकी बेस मौजूद हैं, वहां हाई अलर्ट जारी है। हालांकि, CENTCOM का कहना है कि ईरानी नौसेना के कमजोर होने से समुद्री रास्तों पर हमलों का खतरा काफी कम हो गया है। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले उन प्रवासियों और व्यापार को राहत मिली है जो सुरक्षित समुद्री यातायात पर निर्भर हैं।
CENTCOM ने ईरान के आम नागरिकों के लिए भी एक सुरक्षा चेतावनी जारी की है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे डेजफुल (Dezful), इस्फहान (Isfahan) और शिराज (Shiraz) जैसे शहरों में मौजूद सैन्य ठिकानों से दूर रहें। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना द्वारा रिहायशी इलाकों का इस्तेमाल मिसाइल लॉन्च के लिए किया जा रहा है, जिससे आम लोगों की जान को खतरा हो सकता है।




