Middle East Update: ब्रिटेन ने गल्फ देशों की सुरक्षा के लिए उतारे फाइटर जेट, F-35 और Typhoon से कर रहे हवाई गश्त
मिडिल ईस्ट में बढ़ती हलचल के बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। गल्फ देशों और अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटिश एयर फोर्स ने क्षेत्र में Typhoon और F-35 लड़ाकू विमानों की तैनाती की है। 15 मार्च 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार ये विमान लगातार हवाई गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह के हवाई खतरे या ड्रोन हमलों को रोका जा सके। इसका सीधा असर गल्फ में रहने वाले लाखों प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा पर पड़ेगा।
ब्रिटेन ने क्यों तैनात किए लड़ाकू विमान?
हाल ही में इराक में गठबंधन सेना के बेस पर कुछ ड्रोन हमले हुए थे जिसके बाद ब्रिटिश सेना ने चौकसी बढ़ा दी है। रात के समय ब्रिटिश काउंटर-ड्रोन यूनिट ने कई दुश्मन ड्रोन्स को नष्ट किया। इसके साथ ही सऊदी अरब के एयर डिफेंस ने भी रियाद और पूर्वी क्षेत्रों में 10 ड्रोन्स को मार गिराया है।
इन हमलों को देखते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer और रक्षा मंत्री John Healey ने साफ किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से रक्षात्मक है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सैन्य ठिकानों और कतर, जॉर्डन, यूएई तथा बहरीन जैसे सहयोगी देशों की हिफाजत करना है।
कहाँ-कहाँ हो रही है हवाई गश्त?
पहली बार 14 और 15 मार्च 2026 की रात को ब्रिटेन के Typhoon जेट्स ने बहरीन के ऊपर एयर डिफेंस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इसके अलावा कई और गल्फ देशों में इन विमानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। इस ऑपरेशन में कई प्रमुख एयरबेस का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- Qatar: अल उदीद एयरबेस पर 4 नए Typhoon विमान भेजे गए हैं।
- UAE: अल मिन्हाद बेस से भी मॉनिटरिंग हो रही है।
- Cyprus: आरएएफ अक्रोतिरी बेस पर 400 अतिरिक्त जवान और हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
- Naval Support: समंदर में सुरक्षा के लिए एचएमएस ड्रैगन युद्धपोत को भी भेजा जा रहा है।
गल्फ में रहने वाले भारतीयों पर क्या होगा असर?
सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन में लाखों भारतीय काम करते हैं। इन देशों के ऑयल रिफाइनरी और बड़े एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों का खतरा रहता है। ब्रिटेन और सऊदी अरब की इस सख्त सुरक्षा व्यवस्था से आम नागरिकों और प्रवासियों को राहत मिलेगी।
आसमान में इन आधुनिक विमानों की गश्त से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रास्ता सुरक्षित रहेगा। जानकारों का मानना है कि इस कदम से गल्फ क्षेत्र में शांति बनी रहेगी और कामगारों के रोजमर्रा के जीवन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।




