मक्का मस्जिद में 3.5 लाख से ज्यादा जायरीनों को मिली खास सुविधा, 50 भाषाओं में मिल रही मदद
सऊदी अरब की ग्रांड मस्जिद (Grand Mosque) में उमराह और इबादत के लिए आने वाले जायरीनों को अब भाषा की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार अब तक 3 लाख 58 हजार से ज्यादा जायरीनों को अनुवाद और पूछताछ सेवाओं का फायदा मिल चुका है। रमजान के महीने में भीड़ को देखते हुए इन सेवाओं को और भी तेज कर दिया गया है।
क्या है मक्का में यह नई अनुवाद सुविधा
जनरल अथॉरिटी और हादिया चैरिटी एसोसिएशन के सहयोग से मस्जिद के अंदर यह खास प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर से आने वाले लोगों को उनकी अपनी भाषा में इबादत और रास्तों की सही जानकारी देना है।
- मस्जिद के अंदर 16 से ज्यादा फील्ड लोकेशन पर अनुवाद सेवा उपलब्ध है।
- लगातार मदद के लिए 351 योग्य अनुवादक 4 शिफ्ट में काम कर रहे हैं।
- सीधी बातचीत के लिए 20 से ज्यादा भाषाओं में सपोर्ट दिया जा रहा है।
- ऑटोमेटेड डिजिटल स्मार्ट स्क्रीन के माध्यम से 50 भाषाओं में जानकारी मिल रही है।
रमजान में टेक्नोलॉजी का हो रहा भरपूर इस्तेमाल
रमजान के दौरान मक्का में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है। भीड़ को सही तरीके से मैनेज करने के लिए फुट पेट्रोलिंग को पहले से बेहतर बनाया गया है। नई व्यवस्था से फायदा लेने वालों की संख्या में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और लोगों को रास्ता खोजने में आसानी हो रही है।
- मस्जिद के अलग-अलग हिस्सों में 40 से ज्यादा स्मार्ट इंटरैक्टिव स्क्रीन लगाई गई हैं।
- जायरीन QR कोड को स्कैन करके सीधे गेस्ट केयर सेंटर की सर्विस ले सकते हैं।
- डिजिटल सपोर्ट के लिए WhatsApp और लाइव चैट की सुविधा भी काम कर रही है।
- भीड़ को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग रंग के साइन बोर्ड लगाए गए हैं ताकि लोग आसानी से अंदर की तरफ जा सकें।




