US President का बड़ा ऐलान, ईरान पर युद्ध नहीं रुकेगा, कुवैत Airport और सऊदी पर ड्रोन से हमला
US President Donald Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अभी खत्म नहीं होगा. उन्होंने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके असर की चिंताओं के बावजूद सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी. इसी बीच कुवैत, सऊदी अरब और UAE में ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
कुवैत और खाड़ी देशों में ड्रोन हमले का क्या है अपडेट?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने अपने एयरस्पेस में 14 ड्रोन देखे जाने की पुष्टि की है. सेना ने इनमें से 8 को नष्ट कर दिया. मलबे के गिरने से 3 सैन्य कर्मियों को हल्की चोटें आई हैं. इसके अलावा कुवैत Airport के रडार सिस्टम को भी 3 ड्रोन ने नुकसान पहुंचाया है, हालांकि यहां किसी इंसान को चोट नहीं आई.
पड़ोसी देशों में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. इन हमलों के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
| देश | हमले और बचाव का विवरण |
|---|---|
| कुवैत | 14 ड्रोन दिखे, 8 सेना द्वारा नष्ट किए गए |
| सऊदी अरब | पूर्वी क्षेत्र में 90 मिनट के भीतर 37 ड्रोन रोके गए |
| UAE | 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 6 ड्रोन को हवा में नष्ट किया गया |
ईरान पर US सरकार का नया एक्शन क्या है?
अमेरिका ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei और अन्य नेताओं की जानकारी देने पर 10 मिलियन डॉलर के ईनाम की घोषणा की है. Trump ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान Strait of Hormuz को ब्लॉक करने की कोशिश करेगा, तो उस पर 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला होगा.
इस तनाव के कारण खाड़ी देशों में साइबर अटैक भी देखे जा रहे हैं. कुवैत के रक्षा और वित्त मंत्रालय समेत KUNA न्यूज एजेंसी के 18 सरकारी डोमेन पर DDoS हमले हुए हैं. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कुवैत की संप्रभुता का समर्थन किया है.
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और फ्लाइट्स पर क्या असर पड़ा?
लगातार हो रहे हमलों के कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कई अहम कदम उठाए हैं. Air India और Air India Express जैसी एयरलाइंस ने एयरपोर्ट के निर्देशों के बाद UAE के लिए अपनी उड़ानों को सीमित कर दिया है. इससे भारत और खाड़ी देशों के बीच सफर करने वाले प्रवासियों को परेशानी हो सकती है.
समंदर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए US Navy ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करना शुरू कर दिया है. खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों को आधिकारिक जानकारी के लिए केवल प्रमाणित न्यूज सोर्स पर ध्यान देने की सलाह दी गई है.




