सऊदी क्राउन प्रिंस और मिस्र के राष्ट्रपति के बीच फोन पर बातचीत, ईरान के हमलों पर मिस्र ने जताया कड़ा विरोध
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने सोमवार को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में बढ़ रहे सैन्य तनाव और हालिया घटनाओं पर चर्चा करना था। मिस्र के राष्ट्रपति ने सऊदी अरब पर हो रहे ईरान के लगातार हमलों की निंदा की और सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए मिस्र के पूरे समर्थन का भरोसा दिया।
बातचीत में किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?
दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों को रोकने पर जोर दिया। मिस्र के राष्ट्रपति ने साफ तौर पर कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा पर कोई भी आंच सीधे मिस्र और पूरे अरब देशों की सुरक्षा पर खतरा है। उन्होंने ईरान के हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मिस्र के इस समर्थन और संकट के समय अरब देशों की स्थिरता बनाए रखने में काहिरा की भूमिका की सराहना की। इसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मंगलवार को रियाद में मुलाकात की ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके।
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?
इस कूटनीतिक बातचीत का सीधा असर लाल सागर और खाड़ी देशों में शांति बनाए रखने पर पड़ेगा जिससे वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। संघर्ष वाले इलाकों से नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए सऊदी अरब और मिस्र लगातार कॉर्डिनेशन कर रहे हैं। दोनों देश एक कलेक्टिव अरब नेशनल सिक्योरिटी फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय और अन्य प्रवासी कामगारों को युद्ध जैसे हालात से बचाने और व्यापारिक रास्तों को सुरक्षित रखने में काफी मदद मिलेगी।




