UAE Ship Attack: Fujairah तट के पास कुवैत के टैंकर पर बड़ा हमला, भारतीय जहाजों की बढ़ाई गई निगरानी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के Fujairah तट के पास समुद्र में एक बड़ा हादसा सामने आया है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) और अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, Fujairah से करीब 42.6 किलोमीटर दूर समुद्र में खड़े एक टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल (गोला या मिसाइल) से हमला हुआ है. यह घटना 16 मार्च 2026 की रात को हुई, जिसकी आधिकारिक जानकारी 17 मार्च को साझा की गई है.
हमले का शिकार हुआ कुवैत का टैंकर
समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि जिस जहाज पर यह हमला हुआ, वह कुवैत के झंडे वाला एलपीजी (LPG) टैंकर है. इस जहाज का नाम Gas Al Ahmadiah है और यह घटना के वक्त समुद्र में लंगर डाले खड़ा था.
राहत की बात यह है कि इस हमले में जहाज पर मौजूद किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई है. हमले के कारण जहाज के बाहरी हिस्से (हल) में थोड़ा बहुत नुकसान पहुंचा है, लेकिन जहाज पूरी तरह स्थिर है और उसके डूबने का कोई खतरा नहीं है.
Fujairah के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस हमले से समुद्र में कोई तेल रिसाव या पर्यावरण को नुकसान नहीं हुआ है. सूचना मिलते ही Fujairah सिविल डिफेंस और आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं.
भारतीय जहाजों पर क्या असर हुआ?
खाड़ी देशों के समुद्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी भारत सरकार अलर्ट है. भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पुष्टि की है कि भारतीय झंडे वाला जहाज Jag Laadki इस हमले के बाद Fujairah टर्मिनल से पूरी तरह सुरक्षित निकल चुका है.
इसके अलावा, वर्तमान में इस क्षेत्र से गुजरने वाले 22 अन्य भारतीय जहाजों पर करीब से निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके. UKMTO ने भी सभी जहाजों को इस रास्ते से बहुत ही सावधानी से गुजरने की सलाह दी है.
पोर्ट के हालात और आधिकारिक चेतावनी
जहाज पर हमले के अलावा Fujairah ऑयल इंडस्ट्री जोन (FOIZ) में भी एक अलग ड्रोन हमले की खबर है, जिसके कारण वहां के एक प्लांट में आग लग गई थी. इन सुरक्षा कारणों से 16 मार्च को Fujairah से जहाजों में तेल भरने का काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया.
Fujairah सरकार ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. फिलहाल UKMTO इस पूरे मामले की जांच कर रहा है कि यह प्रोजेक्टाइल कहां से आया और हमले के पीछे कौन है.




