Saudi Arabia Update: सऊदी अरब के गृह मंत्री का बड़ा कदम, 4 खाड़ी देशों के मंत्रियों से बात कर सुरक्षा पर बनाई रणनीति
सऊदी अरब के गृह मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सऊद बिन नायफ ने मंगलवार को खाड़ी देशों के अपने समकक्षों के साथ अहम फोन कॉल किए। उन्होंने कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के गृह मंत्रियों से क्षेत्रीय सुरक्षा और मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों पर हो रहे हालिया हमलों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना था। सऊदी अरब ने इस दौरान साफ किया है कि वह अपने पड़ोसी देशों की सुरक्षा और वहां रहने वाले नागरिकों को बचाने के लिए हर कदम पर साथ है।
🗞️: Kuwait Attack: कुवैत सेना ने हवा में मार गिराए 2 मिसाइल और 13 ड्रोन, नागरिकों के लिए अलर्ट जारी।
इन 4 देशों के मंत्रियों से हुई बात
सऊदी गृह मंत्री ने कुवैत के शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा, बहरीन के शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा, कतर के शेख खलीफा बिन हमद अल थानी और UAE के शेख सैफ बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। इस बातचीत में इस सिद्धांत पर जोर दिया गया कि किसी भी एक GCC देश की सुरक्षा सीधे तौर पर सऊदी अरब की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। सभी देशों ने मिलकर रिहायशी इलाकों, एयरपोर्ट और जरूरी सर्विस वाली जगहों को सुरक्षित करने के उपायों पर चर्चा की। सऊदी अरब ने इन चारों देशों द्वारा अपनी सीमा और नागरिकों को बचाने के लिए उठाए गए सभी कदमों का पूरा समर्थन किया।
UN और ब्रिटेन ने भी उठाया कड़ा कदम
क्षेत्र में चल रहे मौजूदा हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े कदम सामने आए हैं। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने प्रस्ताव 2817 पास किया है। इसके तहत GCC देशों के रिहायशी इलाकों और बुनियादी ढांचे पर होने वाले किसी भी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन माना गया है।
- GCC देशों और ब्रिटेन ने एक साझा बयान जारी कर इन क्षेत्रीय हमलों और आक्रामकता की कड़ी निंदा की है।
- सऊदी अरब की कैबिनेट ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में अपनी एयर डिफेंस टीम के काम की सराहना की है।
- सऊदी एयर डिफेंस ने हाल के दिनों में देश के अंदर आने वाले कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही रोक कर नष्ट किया है।
यह कूटनीतिक और सैन्य एकजुटता आम नागरिकों और इन देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।




