Saudi Arabia News: सऊदी और अल्जीरिया के विदेश मंत्रियों की बैठक, सूडान और यमन जैसे अहम मुद्दों पर बनी रणनीति
सऊदी अरब और अल्जीरिया के विदेश मंत्रियों के बीच 17 मार्च 2026 को अल्जीयर्स में एक अहम बैठक हुई। सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला और अल्जीरियाई विदेश मंत्री अहमद अत्ताफ ने इस दौरान कई बड़े क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। इस मुलाकात में सूडान, यमन, लीबिया, सीरिया और लेबनान में चल रहे राजनीतिक और सुरक्षा संकट को सुलझाने पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा, दोनों देशों ने आपसी व्यापार बढ़ाने और जेद्दा में होने वाले आगामी अरब शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर भी काम शुरू कर दिया है।
बैठक में किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस आधिकारिक मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में शांति बहाली के लिए अपनी रणनीतियां साझा कीं। बातचीत का मुख्य फोकस इन बातों पर रहा:
- क्षेत्रीय सुरक्षा: सूडान, यमन और सीरिया जैसे देशों में चल रहे संकट को दूर करने के लिए अरब के मुद्दों का अरब समाधान निकालने पर जोर दिया गया।
- अरब शिखर सम्मेलन: 2022 के अल्जीयर्स सम्मेलन के दिशा-निर्देशों के बाद, अब जेद्दा में होने वाले अगले सम्मेलन की तैयारियों को तेज किया जाएगा ताकि अरब देशों की एकजुटता मजबूत हो सके।
- फिलिस्तीन का मुद्दा: दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन के समर्थन और बचाव के लिए साथ मिलकर काम करने की बात दोहराई।
- संप्रभुता का सम्मान: किसी भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में दखलंदाजी को सिरे से खारिज किया गया और यूएन चार्टर के पालन पर सहमति बनी।
आर्थिक और द्विपक्षीय साझेदारी पर क्या हुआ फैसला?
राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ दोनों देशों ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर भी बड़े कदम उठाए हैं। बैठक में अल्जीरियाई-सऊदी समन्वय की उच्च परिषद (High Council of Algerian-Saudi Coordination) की अलग-अलग कमेटियों को एक्टिव करने का निर्णय लिया गया।
मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच लगभग 1 अरब डॉलर का व्यापार होता है। इस व्यापार को और बढ़ाने के लिए आर्थिक क्षेत्र में नई साझेदारी की तलाश की जाएगी। साथ ही, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को सुरक्षित करने के लिए कानूनी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। भविष्य में आधिकारिक दौरों को बढ़ाने और द्विपक्षीय समन्वय को तेज करने पर दोनों पक्ष राजी हुए हैं।




