Gulf War: UAE, सऊदी अरब, कतर और कुवैत में मिसाइल और ड्रोन से हमले, आम उड़ानों पर असर
खाड़ी देशों में चल रहा युद्ध अब अपने तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। 18 मार्च 2026 को कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और सऊदी अरब ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की आधिकारिक पुष्टि की है। इन देशों की सेनाओं ने समय रहते कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण UAE और कुवैत में हाई अलर्ट नियम लागू कर दिया गया है। इसका सीधा असर वहां रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों पर पड़ रहा है, क्योंकि कुछ जगहों पर हवाई रास्तों को बंद किया गया है।
खाड़ी देशों में हुए ताज़ा हमलों का विवरण
पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में कई गंभीर घटनाएं घटी हैं। रक्षा प्रणालियों ने भारी नुकसान से बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए हैं।
- UAE: रक्षा मंत्रालय ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रोकने की जानकारी दी है। अबू धाबी के बानी यास इलाके में मिसाइल के टुकड़े गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। सुरक्षा को देखते हुए आम उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद किया गया।
- सऊदी अरब: सुरक्षा बलों ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास एक बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट किया और पूर्वी क्षेत्र में 12 ड्रोन को मार गिराया। इस बेस पर अमेरिकी सैनिक भी मौजूद हैं।
- कुवैत: नेशनल गार्ड ने सुबह 7 ड्रोन को मार गिराया। कुवैत में 14 नागरिकों और 2 लेबनानी लोगों को एक साजिश के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है।
- कतर: रक्षा मंत्रालय ने एक मिसाइल को हवा में नष्ट किया, जिससे गिरे मलबे के कारण एक औद्योगिक क्षेत्र में मामूली आग लग गई।
भारत के प्रवासियों और दुनिया पर युद्ध का असर
इस युद्ध का असर केवल खाड़ी देशों की सीमाओं तक सीमित नहीं है। भारत और अन्य देशों से बड़ी संख्या में लोग इन जगहों पर काम करते हैं। UAE में उड़ानों पर लगी अस्थायी रोक के कारण कई यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नए नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
व्यापार और वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई पर भी बड़ा असर देखा जा रहा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाले तेल व्यापार में काफी कमी आई है। इस बीच इराक में अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन और रॉकेट से हमले हुए हैं। इजरायल ने तेहरान और बेरूत में हमले किए हैं, जिसमें ईरान के कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं। इन घटनाओं के कारण आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और यात्रा नियमों में और भी बदलाव देखे जा सकेंगे।




