Oman Crude Oil Price: ओमान में कच्चा तेल 153 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, ईरान-अमेरिका तनाव का दिखा असर
ओमान में 18 मार्च 2026 को कच्चे तेल की कीमतों ने एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। ओमान क्रूड ऑयल की कीमत अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 153.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है। यह भारी उछाल मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के कारण आया है, जो अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस तनाव ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्यों बढ़ रहे हैं कच्चे तेल के दाम?
कच्चे तेल की कीमतों में इस भारी उछाल का मुख्य कारण मध्य पूर्व में चल रहा सैन्य तनाव है। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह आइलैंड ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई होता है। इस रोक की वजह से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कीमतों और सप्लाई पर क्या पड़ा असर?
बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले कुछ दिनों में कीमतों में लगातार तेजी देखी गई है। 12 मार्च को कच्चे तेल की कीमत 134.75 डॉलर थी, जो 17 मार्च को 147.79 डॉलर हो गई और 18 मार्च को 153.12 डॉलर पर बंद हुई। यह नई कीमत मई 2026 की डिलीवरी के लिए है। सप्लाई की बात करें तो एशिया की तरफ आने वाले क्रूड ऑयल में भारी कमी दर्ज की गई है। फरवरी में जहां 19 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) तेल एशिया आ रहा था, वह मार्च में घटकर मात्र 11.7 मिलियन bpd रह गया है। इसके अलावा ईरान के अधिकारियों ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर तेल के बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रहे, तो कच्चे तेल की ग्लोबल कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती है।
ओमान की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ओमान की अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मिला-जुला असर दिखा रही हैं। एक तरफ जहां ओमान सरकार को महंगा तेल बेचने से मुनाफा हो रहा है और देश का सरकारी खजाना भर रहा है। वहीं दूसरी तरफ, ओमान के अधिकारियों का मानना है कि बाजार में इस तरह का अचानक और तेज उतार-चढ़ाव देश की लंबी अवधि के विकास योजनाओं के लिए ठीक नहीं है। गल्फ मर्केंटाइल एक्सचेंज (GME) और अन्य वैश्विक एजेंसियां बाजार की इस अस्थिरता को लगातार मॉनिटर कर रही हैं, क्योंकि कई दूसरे ग्रेड्स के बाहर होने के कारण केवल ओमान और मुरबन क्रूड ही अब इस क्षेत्र के मुख्य बेंचमार्क रह गए हैं।




