Israel Lebanon Conflict Update: इजराइल का बड़ा फैसला, लेबनान की लिटानी नदी के सभी पुल तोड़ने का दिया आदेश
इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz और प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इजराइली सेना (IDF) को एक नया निर्देश जारी किया है। इस आदेश के तहत दक्षिण लेबनान में Litani River पर बने सभी पुलों को तुरंत नष्ट करने के लिए कहा गया है। यह फैसला 22 मार्च 2026 को लिया गया है जिसका मुख्य मकसद हिजबुल्लाह की सैन्य गतिविधियों पर लगाम लगाना है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।
आखिर क्यों तोड़े जा रहे हैं ये सभी पुल?
इजराइल के अनुसार इन पुलों का इस्तेमाल Hezbollah हथियारों की तस्करी और अपने लड़ाकों को दक्षिण लेबनान के इलाकों में भेजने के लिए कर रहा है। रक्षा मंत्री ने साफ संदेश दिया है कि लेबनान सरकार को अपनी जमीन पर ऐसी गतिविधियों को रोकना होगा। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक पुलों को नष्ट करने से हिजबुल्लाह की सप्लाई लाइन पूरी तरह कट जाएगी।
- 22 मार्च 2026 को सेना को पुल तोड़ने का निर्देश मिला
- इससे पहले 18 मार्च को भी दो पुलों को निशाना बनाया गया था
- खास तौर पर Qasmiya Bridge को बड़ा टारगेट माना गया है
- तटीय राजमार्ग पर बने पुलों के टूटने से दक्षिण लेबनान का संपर्क बाकी हिस्सों से कट जाएगा
नागरिकों के लिए जारी हुई कड़ी चेतावनी
IDF ने दक्षिणी लेबनान के आम लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है। सेना ने लोगों से अपील की है कि वे Zahrani River के उत्तर की ओर चले जाएं और दक्षिण की तरफ आने से बचें। इजराइल ने यह चेतावनी आने वाले बड़े हमलों को ध्यान में रखते हुए दी है ताकि नागरिकों को कम से कम नुकसान हो।
इसके अलावा रक्षा मंत्री ने सीमावर्ती गांवों में उन घरों को भी गिराने का निर्देश दिया है जो इजराइली समुदायों के लिए खतरा बने हुए हैं। इजराइल का कहना है कि वे हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। इन कार्रवाइयों को गाजा के मॉडल की तरह ही सख्त बताया गया है ताकि सीमा पर शांति सुनिश्चित की जा सके।





