Israel Iran War Update: Netanyahu ने कहा जब तक ईरान की परमाणु क्षमता खत्म नहीं होगी तब तक हमले जारी रहेंगे
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अराद शहर में ईरानी मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा करने के बाद एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक युद्ध के सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। Netanyahu के मुताबिक इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह से नष्ट करना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और दोनों तरफ से भारी सैन्य कार्रवाई की जा रही है।
इजरायल में हुए नुकसान और ताज़ा स्थिति क्या है?
ईरान की ओर से हाल ही में किए गए मिसाइल हमलों ने इजरायल के अराद और डिमोना जैसे इलाकों को निशाना बनाया है। इजरायली सेना (IDF) ने स्वीकार किया है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकने में सफल नहीं हो पाए। इस हमले में काफी नुकसान हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं।
- अराद और डिमोना में हुए हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
- अराद में मिसाइल गिरने से कम से कम 6 लोगों की मौत की सूचना मिली है।
- इजरायली विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को आतंकवाद और युद्ध अपराध करार दिया है।
- IAEA के मुताबिक डिमोना परमाणु केंद्र के पास फिलहाल रेडिएशन का कोई खतरा नहीं देखा गया है।
अमेरिका और ईरान की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है?
इस पूरे मामले पर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है और ईरान को चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों में बाधा डाली गई तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं ईरान ने भी पलटवार की तैयारी कर ली है।
| पक्ष | मुख्य घटनाक्रम और बयान |
|---|---|
| Donald Trump | ईरान के पावर प्लांट को नष्ट करने की धमकी दी और कहा कि वह मिशन के करीब हैं। |
| US CENTCOM | ईरान के क्रूज मिसाइल स्टोर करने वाले अंडरग्राउंड ठिकाने को तबाह किया। |
| Iranian Military | धमकी दी कि अगर हमला हुआ तो क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाएंगे। |
| Operation Details | इस साझा सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया है। |
ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसके मिसाइल हमले इजरायल द्वारा नतांज़ परमाणु परिसर पर किए गए कथित हमले का जवाब थे। दूसरी ओर इजरायल और अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उनकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह कमजोर करना है ताकि वह भविष्य में खतरा न बन सके।





