Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज, किलाबंदी खत्म करने की कोशिश
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष काफी गहरा गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने जानकारी दी है कि ईरान की सैन्य किलाबंदी को निशाना बनाकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक वहां बनी ईरानी चौकियों को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता। इस तनाव की वजह से खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं और तेल की सप्लाई पर भी खतरा मंडरा रहा है।
Strait of Hormuz में क्या है ताज़ा स्थिति?
ईरान ने 2 मार्च 2026 को Strait of Hormuz को उन देशों के लिए बंद करने का ऐलान किया था जिन्हें वह अपना दुश्मन मानता है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने 19 मार्च से हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य उस समुद्री रास्ते को फिर से खुलवाना है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल का व्यापार करता है। अमेरिकी प्रशासन अब Kharg Island पर भी कब्ज़ा करने की योजना पर विचार कर रहा है ताकि ईरान को रास्ता खोलने पर मजबूर किया जा सके।
इस संकट से जुड़ी मुख्य बातें और नेताओं के बयान
| नाम / पक्ष | ताज़ा अपडेट और रुख |
|---|---|
| Scott Bessent | कहा कि ईरानी किलाबंदी को पूरी तरह नष्ट करने तक सैन्य अभियान जारी रहेगा। |
| Donald Trump | धमकी दी है कि अगर रास्ता नहीं खुला तो ईरान के बिजली घरों को निशाना बनाया जाएगा। |
| Iran | ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि हमला होने पर वे क्षेत्र के ऊर्जा केंद्रों पर पलटवार करेंगे। |
| US Military | हजारों मरीन और नौसेना के जवानों के साथ USS Boxer ग्रुप को तैनात किया गया है। |
ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर उसके पावर प्लांट पर हमला हुआ तो दुनिया के अन्य पर्यटन स्थल और ऊर्जा ठिकाने भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। वहीं अमेरिकी सरकार कुछ चुनिंदा जहाजों को वहां से निकलने की अनुमति देने के पक्ष में है ताकि तेल की वैश्विक कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। इस पूरे मामले का सीधा असर उन प्रवासियों और भारतीयों पर भी पड़ सकता है जो खाड़ी देशों में काम करते हैं या वहां अक्सर यात्रा करते हैं।




