Hormuz Strait Crisis: ईरान ने रखी शांति की शर्त, अमेरिका ने दी 48 घंटे की चेतावनी
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच Strait of Hormuz को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने साफ किया है कि वह इस समुद्री रास्ते को खुला रखने को तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका और इजरायल को अपने हमले तुरंत रोकने होंगे। इजरायली अधिकारियों के हवाले से यह बात सामने आई है कि ईरान हमलों में कमी के बदले इस रास्ते को खोलने का एक रास्ता देख रहा है, हालांकि ईरान ने पूरी तरह युद्ध खत्म करने की मांग की है।
ईरान ने शांति के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz उन लोगों के लिए खुला है जो ईरान की सीमा का सम्मान करते हैं। ईरान केवल युद्ध विराम नहीं चाहता बल्कि वह चाहता है कि युद्ध पूरी तरह समाप्त हो। ईरान की मुख्य शर्तें नीचे दी गई हैं:
- अमेरिका और इजरायल द्वारा हमलों को तुरंत और पूरी तरह रोका जाए
- भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी और हुए नुकसान का मुआवजा मिले
- ईरान की ऊर्जा संपत्तियों को निशाना बनाना बंद किया जाए
- आपसी विश्वास की बहाली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
अमेरिका की चेतावनी और वैश्विक देशों का क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz को सभी जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो वह ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री मोदी और कतर-ओमान के अधिकारियों ने भी शांति के लिए संपर्क किया है। वैश्विक स्तर पर स्थिति को समझने के लिए नीचे दी गई जानकारी महत्वपूर्ण है:
| पक्ष | मुख्य स्टैंड और कार्रवाई |
|---|---|
| अमेरिका | 48 घंटे का समय दिया और सैन्य गतिविधि बढ़ाई |
| ईरान | पावर प्लांट्स पर हमले की स्थिति में रास्ता पूरी तरह बंद करने की धमकी |
| 22 देश | UAE और Bahrain सहित देशों ने ईरान के कदम की निंदा की |
| इजरायल | ईरान के मिसाइल ठिकानों और परमाणु केंद्रों पर हमले जारी रखे |
बाजार और सुरक्षा पर मौजूदा असर
पिछले 24 घंटों में इजरायली सेना (IDF) ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी दक्षिणी इजरायल में मिसाइलें दागी हैं। इस तनाव के कारण कच्चे तेल के बाजार में हलचल मची हुई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने तेल सप्लाई को स्थिर रखने के लिए ईरानी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार पर भी इस तनाव का सीधा असर पड़ रहा है क्योंकि यह समुद्री रास्ता वैश्विक व्यापार के लिए बहुत जरूरी है।




